डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा होने वाला है। विभिन्न विभागों के छह डॉक्टरों ने अपने अनुबंध का नवीनीकरण नहीं कराया है। कई अन्य के भी अस्पताल छोड़ने की बात कही जा रही है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में अव्यवस्था के लिए अधिक जाना जाता है। अब डॉक्टरों की कमी मरीजों को फिर भारी पड़ने वाली है। एक विभाग की विभागाध्यक्ष की मनमानी से परेशान होकर न्यूरो सर्जन डॉ. दीपक पंवार ने एसटीएच छोड़ दिया था।
अब एनस्थीसिया विभाग से डॉ. सुब्रत विश्वास, डॉ. विक्रम जीत दास, मेडिसिन विभाग में डॉ. अभिषेक गुप्ता, आर्थोपेडिक से डॉ. विनीत, फारेंसिक से डॉ. चरक, कम्यूनिटी मेडिसिन से डॉ. अनुपमा आर्या संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थे।
इन डॉक्टरों ने अपने अनुबंध का नवीनीकरण नहीं कराया है। लगभग तीन महीने पहले एनस्थीसिया विभाग से दो सीनियर रेजीडेंट भी छोड़कर गए थे। कम्यूनिटी मेडिसिन, फिजियोलाजी और साइकेटरी विभाग समेत अन्य विभाग से अभी और डॉक्टरों के छोड़कर जाने की बात कही जा है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि संविदा पर कार्यरत डॉक्टरों को नियमित नहीं किया जा रहा है। साथ ही समयबद्ध पदोन्नति नहीं हो रही है। सर्विस के नियम भी अभी तक नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि कई डॉक्टरों ने दूसरे संस्थानों में आवेदन कर रखा है वे भी छोड़कर जा सकते हैैं।