हल्द्वानी। गौजाजाली बरेली रोड में एक दुकान में रखे फ्रिज में शॉट सर्किट से किराने की दुकान में आग लग गई। जिससे किराने की दुकान में रखा पूरा सामान जल कर राख हो गया। आग से बगल की इलेक्ट्रिक की दुकान व प्राइवेट क्लिनिक को भी नुकसान पहुंचा है। दुकान के बाहर खड़ी एक बाइक भी जलकर राख हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे बरेली रोड़ स्थित अग्रवाल कांप्लैक्स में मनोज केसरवानी की किराना की दुकान में रखे फ्रिज में हुए शॉट सर्किट से आग लग गई। उस समय दुकान में मनोज केसरवानी का पुत्र ओम केसरवानी बैठा था। इससे पहले कि मनोज कुछ समझ पाता आग ने विकराल हो गई। आसपास के लोगों ने पानी की बाल्टियों से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग और धधक उठी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुकान स्वामी ने बताया आग से करीब 7 से 8 लाख रुपये की क्षति हुई है। उनका कहना था कि पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे थे। आग ने उनकी कमर तोड़ दी है। समीप ही खड़ी हरीश पटेल की बाइक संख्या यूके 06-0907 भी जलकर स्वाहा हो गई और कांप्लैक्स के लेंटर में भी दरार आई है।
इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी की दुकान में जले पंखे
हल्द्वानी। किराने की दुकान में लगी आग ने बगल में स्थित कृष्णा इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा एक क्लीनिक को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में रखे पंखे के अलावा दुकान का बोर्ड आदि जल गया। वहीं क्लीनिक के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए।
ट्रांसफार्मर के तार जले, फटने से बचा
हल्द्वानी। किराने की दुकान में लगी आग की लपटें इतनी तेज थी कि दुमंजिले में रह रहे इससे अभिनव अग्रवाल के मकान को भी क्षति पहुंची है। गनीमत रही कि आग दुकान के समीप स्थित ट्रांसफार्मर आग लगने से नहीं फटा। आग से ट्रांसफार्मर की केबिल भी जल गई।
जंगल में आग की एक भी घटना रिपोर्ट नहीं
हल्द्वानी। जंगल की आग की घटनाओं से राहत रही। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को बीते 12 घंटे में जंगल की आग की कोई भी घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।
पहले काट ली गई फसलें
हल्द्वानी। कृषि विभाग बारिश से फसलों के नुकसान की आशंका बेहद कम होने की बात कह रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जनपद में 22 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं को लगाया गया था। किसानों ने मसूर, चना भी लगाया था। इस बारिश से पहले से फसलों की काट लिया गया था, इससे नुकसान होने की आशंका कम है।