किच्छा। नगर का सरदार वल्लभ भाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण पिछले दो माह से अल्ट्रासाउंड मशीन सील पड़ी है। इससे गर्भवतियों और पेट संबंधी मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक का पद भी लंबे समय से रिक्त है। यहां प्रतिदिन लगभग 300 से 350 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अनुमान के अनुसार, हर दिन पांच से अधिक प्रसव के मामले भी सामने आते हैं लेकिन व्यवस्थाओं के अभाव में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, रेडियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक और फिजिशियन के पद भी खाली हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को तुरंत हल्द्वानी या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए सीएचसी की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. केके अग्रवाल ने बताया कि हम कोशिश कर रहे हैं कि सीएचसी में जल्द से जल्द रेडियोलोजिस्ट तैनात करें, इसके लिए प्रयास जारी हैं।
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सीएचसी रेफरिंग सेंटर बन गया है। गरीब मरीज उपचार की उम्मीद में अस्पताल आता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि किच्छा सीएचसी में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। -गुलशन सिंधी, व्यापारी नेता
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अस्पताल में अव्यवस्था लंबे समय से चल रही है। जब भी इस व्यवस्था को ठीक करने की मांग की गई तो अधिकारी डाॅक्टर उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर मामले को टाल देते हैं। निजी अस्पताल बेहद महंगे हो गए हैं जो गरीब आदमी की पहुंच से बाहर हैं। -दर्शन कोली, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष