गर्जिया मंदिर परिसर में खुद ही दुकान बनाने में जुटे दुकानदार।
रामनगर (नैनीताल)। गर्जिया मंदिर परिसर में 35 दुकानें भीषण आग में राख हो गई थीं। जिससे दुकानदारों को करीब 20 से 22 लाख का नुकसान झेलना पड़ा था। मंगलवार को एक बार फिर दुकानदार दुकान लगाने में जुट गए और कारोबार करने लगे।
गर्जिया मंदिर परिसर में प्रसाद, पानी की बोतलें सहित अन्य सामान की दुकानाें में सोमवार की दोपहर को आग लग गई थी। आग से करीब 35 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। मंगलवार को पहला नवरात्र होने के चलते सुबह से ही अग्निपीड़ित दुकानदारों ने अपनी दुकान लगानी शुरू कर दी थी। घटनास्थल पर पीड़ित दुकानदार छप्पर बना रहे थे। दुकानदारों ने बताया कि घटना को 24 घंटे बीतने के बाद भी सरकार और प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की। संवाद
पहले नवरात्र में मंदिर में कम रही श्रद्धालुओं की भीड़
चैत्र नवरात्र के पहले नवरात्र पर गर्जिया मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में आग लगने की जानकारी होने के बाद मुरादाबाद, संभल, काशीपुर, रामपुर, बाजपुर और हल्द्वानी से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज पांडेय ने बताया कि दुकानों में आग लगने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या कम रही।
दो लाख रुपये का तत्काल मुआवजा देने की मांग
समाजवादी लोक मंच ने सरकार व जिला प्रशासन से गर्जिया मंदिर के अग्नि पीड़ित दुकानदारों को पुनर्वासित करने के लिए दो लाख रुपये का तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। मुनीष कुमार और ललित उप्रेती ने मंगलवार को गर्जिया के अग्नि पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मंदिर के पास कोई दुकान नहीं लगाएगा : एसडीएम
रामनगर के एसडीएम राहुल शाह ने मंदिर परिसर में दुकान लगाने वालों को हिदायत दी कि वह मंदिर के पास दुकान न लगाएं। सभी दुकानदार अपनी दुकान पर फायर उपकरण जरूर रखेंगे। प्रशासन की ओर से सर्वे किया जा रहा है, जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनको राहत दी जाएगी। ऐसे में दुकानदार मंदिर परिसर से 100 मीटर दूर दुकान लगाने पर तैयार हो गए।