भवाली-अल्मोड़ा एनएच में झूला पुल के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से अनियंत्रित हुई वैगनआर शिप्रा नदी में जा गिरी। हादसे में कार में सवार रानीखेत छावनी परिषद में कार्यरत महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी खैरना लाया गया, जहां से उन्हें एसटीएच रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत भेज दिया है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही भवाली-अल्मोड़ा एनएच में इनोवा के खाई में गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली से रानीखेत जा रही वैगनआर कार (यूके 01 बी 2306) मंगलवार सुबह करीब आठ बजे जैसे ही झूला पुल के पास पहुंची, पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। पत्थरों से कार को बचाने के प्रयास में चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और कार करीब सौ मीटर नीचे शिप्रा नदी में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और खैरना पुलिस मौके पर पहुंची। कार में एक महिला समेत दो अन्य लोग सवार थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर सीएचसी खैरना पहुंचाया गया। वहां अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की शिनाख्त विमला पांडे (50) पत्नी केवलानंद पांडे निवासी रानीखेत (अल्मोड़ा) के रूप में की गई। जबकि हादसे में कार चालक सोनू पुजारी (25) पुत्र माधवानंद पुजारी और कैलाश पुजारी (45) पुत्र बालादत्त पुजारी दोनों निवासी ग्राम रणा द्वाराहाट (अल्मोड़ा) गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतका छावनी परिषद कार्यालय रानीखेत में कार्यरत थी।
पैराफिट बने होते तो बच जाती जान
गरमपानी (नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा एनएच में सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक स्थानों पर पैराफिट न होने के कारण हर साल कई लोग बेमौत मारे जाते हैं। कई बार क्षेत्र के लोग एनएच के अधिकारियों से ऐसे खतरनाक स्थानों पर पैराफिट बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ऐसे खतरनाक स्थानों पर पैराफिट नहीं बनाए गए तो वह आंदोलन करेंगे।