हल्द्वानी। केबिनेट ने हाईकोर्ट की स्थापना के लिए बेलबाबा क्षेत्र में 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी देकर हल्द्वानी में विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। जानकारों का मानना है कि बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद कुमाऊं के सबसे बड़े शहर की सूरत बदल जाएगी और यहां रह रहे लोगों को पहले से कहीं अधिक बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जहां एक ओर प्रापर्टी के दामों में उछाल आएगा वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे वहीं दूसरी ओर सरकार को कुछ चुनौतियों से भी जूझना होगा।
उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से हाईकोर्ट नैनीताल में चल रहा है। पिछले वर्षों के दौरान हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने की मांग समय समय पर उठती रही है। इसके लिए पहले गौलापार क्षेत्र में भूमि खोजी गई थी लेकिन बाद में गौलापार के साथ साथ बेलबाबा क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशी गई। इसमें बेलबाबा का क्षेत्र गौलापार से कहीं अधिक मुफीद मिला। इसे देखते हुए सरकार ने तराई पूर्वी वन प्रभाग, रुद्रपुर के भाखड़ा रेंज बेलबाबा मंदिर के पास प्लॉट 46 और 47 में 73 हेक्टेयर में से 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट को देने की मंजूरी दे दी। यह जमीन हल्द्वानी-रुद्रपुर हाईवे से लगी हुई है।
कैसे बदलेगी हल्द्वानी की सूरत और सीरत
-आर्थिक बूस्ट :
बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद रोजाना 3-4 हजार वादकारी, वकील, अधिकारी, कर्मचारी व अन्य स्टाफ का आवागमन रहेगा। इससे क्षेत्र में होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, टाइपिंग, फोटोस्टेट, ट्रांसपोर्ट का कारोबार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
-प्रॉपर्टी में उछाल :
बेलबाबा, लामाचौड़ और इसके आसपास की जमीन के दामों में दो से तीन गुना तक वृद्धि होने के आसार हैं। आवासीय के साथ साथ कॉमर्शियल प्लॉट की डिमांड सबसे ज्यादा रहेगी। इस क्षेत्र में अब रियल एस्टेट कंपनियां भी जमीन तलाशती नजर आएंगी।
- आधारभूत सुविधाएं बढ़ेंगी :
क्षेत्र में कोर्ट कॉम्प्लेक्स के साथ पार्किंग, बार रूम, जज आवास, ई-कोर्ट, फूड कोर्ट आदि बनेंगे। इसके अलावा यहां बैंक और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि होगी। हल्द्वानी से बेलबाबा तक सिटी बस और टैक्सी सर्विस बढ़ेगी। इससे रोजाना सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा।
-न्यायिक राजधानी के रूप में पहचान :
हल्द्वानी को अभी तक कुमाऊं की आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाता था। हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद हल्द्वानी को उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी के रूप में नई पहचान मिलेगी।
- शहर का विस्तार :
बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट की स्थापना के बाद हरिपुर जमनसिंह, घुड़दौड़़ा, गन्ना सेंटर, पंचायत घर, फुटकुआं, हरिपुर मोतिया, चांदनी चौक गढ़वाल, लालमणि नवाड़ व आनंदपुर आदि क्षेत्रों में रह रहे लोगों को पहले से कहीं अधिक बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। बेलबाबा और इसके आसपास सरकारी कार्यालय, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
-डिमेरिट और चुनौतियां
-अनियोजित विकास का खतरा :
बेलबाबा में हाईकोर्ट बनने के बाद इससे लगे क्षेत्रों में आबादी बढ़ेगी। आबादी बढ़ने के बाद यहां प्लाटिंग और कालोनियां कटेंगी। ऐसे में अनियोजित निर्माण के साथ साथ अवैध निर्माण के मामले भी बढ़ेंगे। इसे रोकना संबंधित विभाग के लिए चुनौती रहेगा।
-ट्रैफिक और जाम
एनएच 05 पर पहले से ही यातायात का खासा दबाव है। हाईकोर्ट बनने के बाद इस रोड पर यातायात बढ़ेगा। ऐसे में एनएच से लगे आबादी वाले क्षेत्रों में जाम की समस्या बढ़ सकती है।
बेलबाबा में हाईकोर्ट बनने से क्या क्या बदलेगा एक नजर में
सेक्टर
उम्मीद
प्रॉपर्टी
आवासीय-व्यावसायिक जमीन के दाम दो से तीन गुना बढ़ेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर
नई सड़कें, पार्किंग, जज आवास, बस स्टैंड
रोजगार
निर्माण और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर
कनेक्टिविटी
एनएच-05 में सिटी ट्रांसपोर्ट बढ़ेगा
चुनौती
अनियोजित कॉलोनियां, जाम, पर्यावरण पर दबाव