अपर जिलाधिकारी ने स्व. रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में छापामारी की तो व्यवस्था की कलई खुल गई। मौके से सात डाक्टर और 38 कर्मचारी नदारद थे। यहां तक कि सीएमएस भी एसडीएम के पहुंचने की सूचना के बाद आए। जहां-तहां लगे कूड़े के ढेरों में पॉलीथिन और सिरिंज पड़ी थीं। वार्डों में भी सफाई व्यवस्था बदहाल थी। एडीएम ने सीएमएस को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही समय पर न पहुंचने वाले कर्मचारियों से जवाब तलब करने को कहा।
सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे एडीएम उदयवीर सिंह राणा संयुक्त चिकित्सालय पहुंच गए। उन्होंने सीएमएस कार्यालय में रखी चिकित्सकों और कर्मचारियों के उपस्थिति पंजिका देखी तो 7 चिकित्सक, 9 नर्सें, 22 तृतीय श्रेणी कर्मचारी और 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तब तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसी बीच सीएमएस डा. एचएस खड़ायत मौके पर पहुंचे। एडीएम ने आपातकालीन कक्ष, दवा भंडार और वार्डों का भी निरीक्षण किया। चिकित्सालय में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके निस्तारण की उचित व्यवस्था करने को कहा। इस दौरान एसडीएम एसएस जंगपांगी, तहसीलदार एनआर आर्या भी मौजूद थे।
दस बजे के बाद खुली कैंटीन
छापे के दौरान एडीएम संयुक्त चिकित्सालय में 11 बजे तक रहे। मरीजों ने दस बजे तक कैंटीन न खुलने की शिकायत की। इससे मरीजों और तीमारदारों को नाश्ता करने में देरी होती है। इस पर सीएमएस से कैंटीन संचालक कड़ी हिदायत दी।