सरकार एवं संगठन में उपेक्षा झेल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश सोमवार को बेसाख्ता फट पड़ा। मौका था बाजार, बूथ एवं ग्राम कांग्रेस अध्यक्षों के सम्मेलन। कार्यकर्ताओं के आक्रोश को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ने और धार दे दी।
कार्यकर्ताओं ने पार्टी में बिगड़ रहे अनुशासन के लिए सीधे तौर पर राष्ट्रीय, प्रदेश और जिले के बड़े नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।
सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी की मौजूदगी में सम्मेलन की शुरूआत हुई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस के लिए कालाढूंगी, रामनगर और लालकुआं विधानसभा सीटें चुनौती हैं। प्रत्याशियों की घोषणा समय से होनी चाहिए। अंतिम क्षणों में प्रत्याशी घोषित होने से नुकसान होता है। मतभेद दूर करने की नसीहत हमेशा छोटे नेताओं या कार्यकर्ताओं को दी जाती है।
मतभेद दूर करने की जरूरत बड़े नेताओं को है। लालकुआं में 2012 के चुनाव में कांग्रेस में दो फाड़ हो गए थे और कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र बोरा चुनाव हार गए थे। चुनाव के समय सरकार और संगठन को कार्यकर्ताओं की याद आती है।
सत्ता में आने के बाद कार्यकर्ताओं की सुनवाई न तो सरकार में होती है और न संगठन में। मुख्यमंत्री का सरकारी आवास बीजापुर गेस्ट हाउस चाटुकारों का अड्डा बन गया है। कार्यकर्ताओं ने बिंदुखत्ता नगर पालिका बनाए जाने का भी जमकर विरोध किया।
पालिका बनने के बाद से नवोदय स्कूल के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई तो चुनाव में नुकसान उठाना पड़ेगा। वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश का स्वागत किए जाने के बाद महिला कार्यकर्ताओं ने भी संगठन पर हमला बोला।
कहा कि स्वागत के लिए तीन-चार महिलाओं को भी बुलाया जा सकता था। पार्टी को महिलाओं का सम्मान करना भी सीखना होगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में पैराशूट प्रत्याशी उतारे तो पार्टी को नुकसान होगा।
सम्मेलन को संजीव आर्य, रंजीत रावत, डा. महेंद्र पाल सिंह, हरेंद्र बोरा, प्रयाग दत्त भट्ट, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट आदि ने संबोधित किया। इस दौरान संध्या डालाकोटी, ममता जोशी,भागीरथी बिष्ट, बीना जोशी, दीपक बल्यूटिया, सतीश नैनवाल, नंदन सिंह चौहान, ललित ढेला, केदार पलड़िया, हर्षवर्धन पांडे, बलबीर सिंह रावत, ललित जोशी, खजान पांडे, रामसिंह कैड़ा, रमेश आर्य, यशवंत जलाल, भगवान सिंह रौतेला, वकील अहमद, सरदार गुरदीप सिंह, बलवंत दानू, अब्दुल करीम, निशांत पपने, कुंदन नेगी, राजेंद्र रावत आदि थे।
तीनों विधानसभा कांग्रेस के लिए चुनौती
लालकुआं, रामनगर और कालाढूंगी विधानसभा कांग्रेस के लिए 2017 में चुनौती है। पार्टी ने अगर पैराशूट प्रत्याशी उतारे तो परिणाम विपरीत हो सकते हैं। रामनगर में कांग्रेस के पुराने नेता आज भाजपा में जा चुके हैं।
तीनों विधानसभाओं में टिकट जनभावना के अनुरूप दिया जाना चाहिए। टिकट पार्टी में उभर रहे नेताओं या बूथ, बाजार या ग्राम कांग्रेस में काम करने वाले साधारण कार्यकर्ता को भी मिलना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि आलाकमान ने अगर तीनों विधानसभाओं में प्रत्याशियों का चयन सही ढंग से नहीं किया तो चुनाव में विपरीत परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।