नैनीताल। कुमाऊं विवि डीएसबी परिसर के रसायन विज्ञान विभाग और नैनो साइंस व नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर के सहयोग से हरमिटेज भवन में एनर्जी, फंक्शनल मैटेरियल एंड नैनो टेक्नोलॉजी विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि नैनो साइंस भविष्य में मानव जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि नैनो कणों के आविष्कार से औैषधीय ऊर्जा, कृषि व रक्षा क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि विज्ञान जब तक मानव पीड़ा कम नहीं करता तब तक उसका क्या फायदा। उन्होंने कहा कि अब देश में साइंस और व टेक्नोलॉजी के मंदिर बनाए जाने की सख्त जरूरत है। विशिष्ट अतिथि यूकोस्ट के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि नैनो प्रोद्योगिकी भविष्य का विज्ञान है। नैनो साइंस विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद चुनौतियों को कम करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि यूकोस्ट कुमाऊं विवि में स्थापित नैनो सेंटर विकास में मदद करेगा।
कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी ने कहा कि आग के आविष्कार ने जिस तरह मानव विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, उसी तरह नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी का आविष्कार मनुष्य के भविष्य की नई कहानी लिखेगा। उन्होंने घोषणा की अब कुविवि में ड्रग सेंटर के स्थापना के प्रयास होंगे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला पुणे के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो. स्वामीनाथन शिव राम ने कहा कि पालीमर (बहुलक) जीवन का आधार है। उन्होंने पालीमर को बनाने की विधि व उपयोगिता बताई।
उन्होंने हाईड्रोजन की उपयोगिता और भविष्य में इसके निर्धारण को बताया। इससे पूर्व सेमिनार के अध्यक्ष प्रो. एसपीएस मेहता, नैनो साइंस सेंटर के संयोजक प्रो. नंद गोपाल साहू और सचिव प्रो. एबी मेलकानी ने सेमिनार के उद्देश्यों के बारे में बताया। उद्घाटन सत्र में सेंटर द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।
सेमिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार, सिंगापुर के प्रो. एसजी ज्यांग, यूएसए के प्रो. जेटी मैक्लैस्की, प्रो. सीके दास, डा. जेवान चाव, डा. सानीग्रही, डा. एनजी रेड्डी, डा. ए दंडपंथ, प्रो. सीएस मथेला, प्रो. एके पंत, डा. गीता तिवारी, डा. पैनी जोशी, डा. मोहन मेहता, कुलसचिव प्रो. डीसी पांडे, डा. ललित मोहन आदि मौजूद रहे।