सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) ने सोमवार को भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। तीसरे दिन के अभियान में उत्तरप्रदेश के बांदा के एसडीएम और लखीमपुर खीरी के डिप्टी जेलर भी फंसे।
दोनों ही अधिकारियों ने निजी वाहनों में नीली बत्ती लगवाई थी। सीपीयू ने अधिकारियों के वाहनों से नीली बत्ती उतरवा दी। शहर और देहात क्षेत्र में सीपीयू की टीमों ने 450 लोगों का चालान कर 77 हजार रुपये वसूले।
सीपीयू के प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि तीन शिफ्टों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 22 वाहनों को जब्त किया। 39 वाहनों का कोर्ट चालान, 24 वाहनों का चस्पा चालान हुआ।
450 वाहनों का मौके पर चालान कर सीपीयू ने 77 हजार रुपये जुर्माना वसूला। सिंधी चौराहे पर सीपीयू के दया चंद रजवार ने बांदा के एसडीएम और लखीमपुर खीरी के डिप्टी जेलर की प्राइवेट कार रोकी।
दोनों अधिकारियों की कार में नीली बत्ती लगी थी और नैनीताल घूमकर लौट रहे थे। शहरी क्षेत्र के अलावा ऊंचापुल, रामपुर रोड, नैनीताल और बरेली रोड पर सीपीयू का अभियान जारी रहा।
कार्रवाई की डर अधिकतर दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने नजर आए। पुलिस कर्मी भी हेलमेट पहने दिखे। सीपीयू प्रभारी के मुताबिक सोमवार को किसी भी पुलिसकर्मी का चालान नहीं हुआ।
देवलचौड़ में सीपीयू ने हेलमेट नहीं पहने एक बाइक चालक को रोका। बाइक सवार का सौ रुपये का चालान कर दिया। इसी बीच सीपीयू के दरोगा की नजर बाइक की नंबर प्लेट पर पड़ी। नंबर पढ़ने में नहीं आ रहा था और एक डिजिट गायब था।
दरोगा ने बाइक सवार से ही बाइक का नंबर पढ़ने के लिए कहा। बाइक सवार नंबर नहीं पढ़ सका तो दरोगा ने दो सौ रुपये अतिरिक्त का चालान कर दिया। बाइक सवार को कुल तीन सौ रुपये का चालान भरना पड़ा।