हाईकोर्ट ने मसूरी में पर्यटकों से इको टैक्स वसूले जाने के मामले में मसूरी नगरपालिका और टैक्स वसूल रहे ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मेघा सिंह कण्डारी और अनुज गुप्ता ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत कोई भी उपविधि बनाकर इको टैक्स किसी भी पर्यटक से वसूला जाना जायज नहीं है।
नगरपालिका की ओर से वर्ष 2009 की उपविधियों के आधार पर जो इको टैक्स वसूला जा रही है, वह अवैध है। उसे निरस्त किया जाना चाहिए। याचिका में शासन की ओर से भी इको टूरिस्ट फीस वसूले जाने की वैधता पर भी सवाल उठाया था।
बता दें कि याचिका दायर होने के बाद गढ़वाल कमिश्नर की ओर से आदेश जारी कर नगरपालिकाओं और जिला पंचायतों की ओर से टैक्स वसूले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मसूरी नगरपालिका से इस टैक्स की वसूली पर स्पष्टीकरण भी मांगा गया।