नैनीताल। शहर के आवासीय इलाकों में कबाड़ के गोदामों और घनी झुग्गियों के कारण बड़े अग्निकांड का खतरा मंडरा रहा है। गर्मी के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो गई है। पूर्व में भी कई आग की घटनाएं हो चुकी हैं। फिर भी हालात में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
पिछले साल तल्लीताल क्षेत्र में एक कबाड़ गोदाम में लगी आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अगिनकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ और दमकल विभाग को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद, शहर के बीच कई असुरक्षित गोदाम आज भी संचालित हो रहे हैं जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। संकरी गलियां और अव्यवस्थित निर्माण दमकल वाहनों की पहुंच को भी बाधित करते हैं। प्रशासन और दमकल विभाग द्वारा हर साल निरीक्षण और दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं लेकिन वे अक्सर कागजी कार्रवाई बनकर रह जाते हैं। हाल ही में लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब निरीक्षण अभियान तेज करने और फायर हाइड्रेंट की जांच पर फोकस है।
शहर में चलाया जाएगा अभियान
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इन अवैध गोदामों को रिहायशी इलाकों से हटाया नहीं जाता तब तक खतरा बना रहेगा। अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शहर में अभियान चलाकर अग्नि संभावित भवनों और गलियों का निरीक्षण किया जा रहा है। खासकर कबाड़ के गोदामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।