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स्कूल में शिक्षक नहीं, अभिभावक परेशान

Wed, 13 Apr 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
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पतलोट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पतलोट (नैनीताल)। नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। हाल के दिनों में अतिथि शिक्षकों को हटाने से स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति बदतर हो गई है।

मालूम हो कि पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अगस्त 2015 में विजिटिंग शिक्षकों को अस्थायी रूप से उन स्कूलों में पढ़ाने के लिए भेजा, जहां शिक्षकों के पद खाली थे।
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विजिटिंग शिक्षकों के आने से अभिभावकों की समस्या का समाधान तो हुआ ही साथ ही स्कूलों की पढ़ाई में सुधार भी आया। जबकि 31 मार्च को सभी विजिटिंग शिक्षकों को हटा दिया गया। ऐसे में स्थिति फिर पहले की ही तरह हो गई है। अकेले ओखलकांडा ब्लॉक के प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। 

कोट
विभाग में पदोन्नति के बाद भी शिक्षक दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में विभाग को चाहिए कि वह ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित बेरोजगारों को स्कूलों में तैनात करें। ताकि पढ़ाई में सुधार हो। 
-किशन सिंह लमगड़िया, पीटीए अध्यक्ष वारीकटना ओखलकांडा

ओखलकांडा ब्लॉक के वारीकटना स्थित इंटर और हाईस्कूल दोनों में शिक्षकों की कमी है। यदि समय रहते शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो इन स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। ऐसे में ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे। 
-रोशन सिंह लमगड़िया ग्राम प्रधान सूनी

पिछले साल अतिथि शिक्षकों की तैनाती के बाद स्कूलों में पढ़ाई में सुधार आया, लेकिन अब फिर से स्थिति पुराने जैसी हो गई है। इसके चलते अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं। 
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-ललित मोहन कुड़ाई, पीटीए अध्यक्ष पतलोट

दूरस्थ गांवों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की कमी को शीघ्र दूर किया जाए ताकि गांवों से पलायन न हो।
-बाला दत्त परगाई एसएमसी अध्यक्ष पतलोट

शिक्षकों की कमी के कारण पिछले कई साल से माध्यमिक शिक्षा की स्थिति खराब है, बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए । 
-हेमा मटियाली बीडीसी सदस्य मटेला पोखरी

गांवों में रहने वाले अधिकांश लोग गरीब परिवारों से हैं जो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दूर दराज तक नहीं भेज सकते हैं। ऐसे में गांव के स्कूलों में शिक्षकों की शीघ्र तैनाती की जाए, ताकि बच्चे स्कूल न छोड़ें। -चंद्रशेखर कुड़ाई पीटीए अध्यक्ष पश्या
 
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