नैनीताल। प्रदेश में पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में सरकार के जवाब नहीं देने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को दो दिन के भीतर शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 8 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी रवींद्र जुगरान, एसके सिंह और सुभाष नौटियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में 2005 से घोटाला किया जा रहा है। यह घोटाला करीब पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक का है। छात्रवृत्ति का पैसा विद्यार्थियों को न देकर कॉलेजों को दिया गया या फिर उन लोगों को दिया गया, जो उस स्कूल के छात्र थे ही नहीं। याचिकाकर्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। संवाद