बुधवार को जल संस्थान के शीशमहल फिल्टर प्लांट का पानी दो घंटे बंद रहा। सिंचाई विभाग ने रेत की सफाई के लिए सुबह 10:30 बजे से 12:30 बजे तक बैराज में काम कराया। गौरतलब है कि एक सितंबर से शुरू हुआ बारिश का क्रम शहर की पेयजल वितरण व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है। पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण गौला नदी के खतरे के निशान से ऊपर तक पहुंच जाने के कारण बैराज के गेट 24 घंटे से अधिक समय तक खोलने पड़े थे। इससे शहर की डेढ़ लाख से अधिक आबादी के समक्ष पेयजल संकट खड़ा हो गया।
हीरानगर के ट्यूबवेल की मोटर फुंकी
हल्द्वानी।
हीरानगर के ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से पेयजल संकट गहरा गया है। एक हजार की आबादी को दो से तीन दिन परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बीते मंगलवार को हीरानगर के ट्यूबवेल की केबल में स्पार्किंग होने से जलापूर्ति ठप हो गई थी। जल संस्थान ने ट्यूबवेल की जांच-पड़ताल की तो मोटर के खराब होने का पता चला। पाइप निकाल दिए गए हैं, नई मोटर लगाने के बाद जलापूर्ति सुचारु की जा सकेगी इससे हीरानगर उत्थान मंच, योगा पार्क के आसपास की कालोनियां प्रभावित हैं। बुधवार को प्रभावित क्षेत्र में दो टैंकरों से पानी बांटा गया। सहायक अभियंता रवींद्र कुमार ने बताया कि फरवरी आखिर में यह मोटर लगी थी, नई मोटर लगाकर शनिवार से आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हीरानगर के अधिकांश क्षेत्रों में गौला वाले पानी की भी नियमित सप्लाई होती है।
बद्रीपुरा में पेयजल संकट
हल्द्वानी। नैनीताल रोड पर जल निगम कार्यालय परिसर में बने वाटर टैंक का वॉल्व बुधवार को भी सही नहीं हो पाया। इससे बद्रीपुरा, कोतवाली आवासीय परिसर, कालाढूंगी रोड, आनंदबाग क्षेत्र में 10 हजार की आबादी प्रभावित रही। अपर सहायक अभियंता दीपक शर्मा ने बताया कि टैंक न भरने के कारण प्रेशर से सप्लाई नहीं हो पा रही है, इससे टेल एंड वाले क्षेत्रों में पानी न पहुंचने की शिकायत मिली है। देर शाम वॉल्ब ठीक करा लिया है।