पुलिस ने भोजीपुरा निवासी सलमान हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सलमान की हत्या की वजह पूर्व में आरोपी के भाई की हुई हत्या और नामजद व फरार एक आरोपी की मृतक के परिवार से ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर चली आ रही रंजिश मानी जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल और कपडे़ बरामद किए हैं। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने खुलासा करने वाली टीम को दो हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
एएसपी यशवंत चौहान ने बताया कि मृतक की जेब से मिले रेलवे टिकट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बरेली के भोजीपुरा थाने के जटौवा गांव के सरताज पुत्र अहमद अली की संलिप्तता पाई गई। पुलिस जब उनकी तलाश में पहुंची तो वह दिल्ली भाग गया था और पासपोर्ट, वीजा की कार्रवाई कर विदेश जाने की तैयारी में था। इस पर पुलिस ने पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया रुकवाई। पुलिस की गिरफ्त में आकर सरताज ने बताया कि हत्याकांड में गुलशेर उर्फ सुलतान पुत्र खलील अहमद ग्राम दमरिया थाना बिथरी चैनपुर (बरेली) और हाल निवासी नगीना कॉलोनी लालकुआं भी शामिल था। पूछताछ में सरताज ने बताया कि उसके भाई मुखतार की पांच साल पहले हत्या हुई थी। मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन उसे सलमान पर भी शक था। इसी के चलते उसने सलमान की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक 10 जुलाई को सरताज और गुलश्ेार ने बरेली में सुलतान को बुलाया और फिल्म देखने के बाद उसे नैनीताल घुमाने की बात कहकर पैसेंजर ट्रेन में बैठकर लालकुआं पहुंचे। यहां तीनों ने शराब पीने के बाद एक होटल में खाना खाया और तय योजना के तहत गुलशेर के हाल निवास नगीना कॉलोनी की तरफ चल दिए। अत्यधिक शराब पीकर सलमान रास्ते में ही लड़खड़ाने लगा और कुछ दूर जाकर चार नंबर डिपो के पास बेसुध हो गया।
इस दौरान मौका पाकर गुलशेर ने उसके सिर पर भारी भरकम पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। सरताज ने पुलिस को बताया कि उसके गांव के ही अमीर अहमद ने भी उसे सलमान की हत्या करने पर दो लाख रुपये देने की पेशकश की थी। बताया जाता है कि अमीर अहमद ग्राम प्रधान के चुनाव में सलमान के पिता से हार गया था। इसको लेकर अमीर अहमद सलमान के परिवार से रंजिश रखता था। मास्टर माइंड के रूप में अमीर अहमद का भी नाम आने पर पुलिस अब उसकी तलाश में है। टीम में कोतवाल वीसी पंत, एसएसआई उमेद सिंह दानू, एसआई देवेंद्र बिष्ट, तालिब हुसैन, चंद्रशेखर जोशी, नीरज सिंघल, श्याम सुंदर बिष्ट, पूरन कंबोज शामिल थे।
रेलवे टिकट से हुआ सलमान हत्याकांड का खुलासा
राजेश नेगी
लालकुआं (नैनीताल)। भोजीपुरा के सलमान की जेब से मिले रेलवे टिकट ही सलमान हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित हुए। इस खबर को घटना के दिन अमर उजाला ने प्राथमिकता से प्रकाशित किया था। इसके आधार पर पुलिस बरेली सिटी स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए हत्या के आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब हुई। इतना ही नहीं इस सुराग के आधार पर ही पुलिस ने नामजद आरोपियों में उलझने की बजाय सलमान हत्याकांड के वास्तविक दोषियों तक पहुंचने में सफलता पाई।
11 जुलाई की सुबह पुलिस को डिपो संख्या चार के पास युवक का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त भोजीपुरा (बरेली) के जटौवा निवासी सलमान के रूप में हुई थी। साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस को मृतक की जेब से बरेली से लालकुआं तक पैसेंजर ट्रेन के तीन रेलवे टिकट मिले थे। बस यहीं से पुलिस को खुुलासे की महत्वपूर्ण चेन हाथ लग गई। टिकट के आधार पर ही पुलिस ने बरेली सिटी स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज से जानकारी ली। फुटेज में सलमान के साथ गुलशेर भी दिखाई दिया। पुलिस की पड़ताल इसी दिशा पर आगे बढ़ी और मामला हत्याकांड के खुलासे तक पहुंचा।