दर्द से निजात पाने की चाह में बेटे ने अपनी जान दे दी लेकिन पीछे छोड़ गया मां-बाप के लिए उम्रभर का जख्म। हल्द्वानी के 22 साल के सजल ने कमर और पेट के असहनीय दर्द से टूटकर आत्मघाती कदम उठाया। मरने से पहले उसने छह मिनट 32 सेकेंड का वीडियो बनाकर मां-बाप से माफी मांगी और कहा—मैं इतना स्ट्रांग नहीं हूं कि ये सब और झेल सकूं।
सोमवार को करीब चार बजे यू-ट्यूब पर अपलोड किए वीडियो में सजल बता रहा है कि ढाई-तीन माह पहले उसके लोअर बैक में बहुत दर्द शुरू हुआ। स्लिप डिस्क की समस्या सामने आने पर उसने कई जगह उपचार कराया। आर्थो और फिजिशियन को दिखाया। गायनो का ट्रीटमेंट किया लेकिन दर्द कम नहीं हुआ।
कुछ दिन पहले सीढ़ियों से गिरने के बाद वर्ष 2024 में हुए आईबीएस के लक्षण दोबारा आने लगे। कमर के साथ पेट में भी दर्द होने लगा था। दर्द को बर्दाश्त करने की तमाम कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। कहा कि वह वीडियो को इसलिए अपलोड कर रहा है ताकि लोग गलत बातें न फैलाएं।
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63 वीडियो अपलोड, साढ़े आठ हजार सब्सक्राइबर
सजल ने अपने नाम से एक यू-ट्यूब चैनल बनाया है जिसमें उसने 63 वीडियो अपलोड किए हैं। चैनल में साढ़े आठ हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वह वीडियो बनाकर लोगों को विजिलेंस, पर्यावरण से लेकर लोगों को स्कैम से बचने के लिए भी जागरूक करता था। चैनल में कई प्रेरणादायी वीडियो भी अपलोड हैं। दो साल पहले तो वह नियमित रूप से वीडियो अपलोड कर रहा था लेकिन 17 अगस्त 2023 के बाद उनका अगला वीडियो 21 जुलाई 2025 का है और आखिरी वीडियो घटना वाले दिन का।
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ऑनलाइन मंगाया था चाकू
सजल अपनी बीमारियों से इतना परेशान हो गया था कि उसने आत्महत्या की पूरी योजना बना ली थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस चाकू से सजल ने अपना गला काटा, वह ऑनलाइन मंगाया गया था।
अवसाद के कारण बीमारियों को महसूस करना खतरनाक: डा. पंत
डाॅ. सुशीला तिवारी अस्पताल के वरिष्ठ मनोविज्ञानी डाॅ. युवराज पंत का कहना है कि कई बार जब हम लंबे समय तक किसी बीमारी से परेशान होते हैं तो उसे दिमाग में बैठा लेते हैं। अवसाद के कारण बीमारियों को महसूस करने लगते हैं जो जीवन के लिए खतरनाक बन जाता है। लंबे समय तक यदि कोई व्यक्ति किसी बीमारी से परेशान है तो अच्छे डाॅक्टर को दिखाएं। दिमाग में बार-बार बीमारी का ख्याल आता है तो मनोचिकित्सक के पास जाकर उपचार लें। असल बीमारी का जल्द इलाज हो सकता है लेकिन दिमागी बीमारी से बाहर निकालना थोड़ा कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होता है।