रामनगर वन प्रभाग के रिजर्व फारेस्ट में नियम कानून ताक पर रखकर पर्यटकों को निजी हाथी से सफारी कराने वाले महावत पर विभाग ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। महावत नियमों को तोड़कर रिजर्व फारेस्ट में बाघ और वन्य जीवों के वास स्थलों में खलल डाल रहा था।
बता दें कि अमर उजाला ने बीते 27 अप्रैल के अंक में रिजर्व फारेस्ट में निजी हाथी से सफारी कराने संबंधी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ कहकशां नसीम ने तुरंत जांच बैठा दी थी। रेंजर आनंद सिंह रावत ने मामले की जांच की तो महावत इमरान पुत्र सनद निवासी ढिकुली को रिजर्व फारेस्ट में हाथी सफारी करने के जुर्म का दोषी पाया गया।
डीएफओ की संस्तुति पर आरोपी महावत पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि कोई भी रिजर्व फारेस्ट में हाथी सफारी कराते हुए पकड़ा गया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।