हल्द्वानी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में गरीब बच्चों के ऑनलाइन प्रवेश करने में जिले के रामगढ़ और बेतालघाट ब्लॉक फिसड्डी रहे हैं, जबकि अन्य छह विकासखंडों में निजी विद्यालयों ने शिक्षा विभाग से ऑनलाइन आंवटित बच्चों की सूची को पोर्टल पर ही स्वीकृति भेज दी है। जिसे प्रवेश होना माना गया है।
कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षा सत्र 2020-21 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत गरीब बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया लटकी रही। शिक्षा विभाग ने लॉटरी के माध्यम से चयनित 703 बच्चों के नाम संबंधित विद्यालयों को अक्तूबर माह में भेज दिए थे, लेकिन निजी विद्यालयों में प्रवेश इसलिए नहीं हो सके क्योंकि स्कूल ही बंद थे। इसके बाद विभाग ने निजी विद्यालयों को प्रवेशित बच्चों की ऑनलाइन आवंटित सूची को पोर्टल पर स्वीकार करने के निर्देश दिए थे जिस पर निजी विद्यालयों ने पोर्टल पर इसे स्वीकार करने की रिपोर्ट भेज दी। इधर कुछ बच्चों को प्रवेश न देने की शिकायतें राज्य परियोजना कार्यालय तक पहुंची। जिनका समाधान करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि रामगढ़ और बेतालघाट विकासखंड में किसी भी निजी विद्यालयों ने प्रवेश नहीं दिया है। निजी विद्यालयों ने पोर्टल पर प्रवेश का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने पोर्टल पर वास्तविक रूप से पंजीकरण के सापेक्ष विद्यालयों में प्रवेशित बच्चों की स्थिति की पूरी रिपोर्ट उपशिक्षा अधिकारियों से मांगी है।
निजी स्कूलों में ब्लॉकवार प्रवेशों का ब्योरा
विकासखंड संख्या
हल्द्वानी 527
भीमताल 50
धारी 07
कोटाबाग 66
ओखलकांडा 05
रामनगर 48
रामगढ़ 0
बेतालघाट 0