डेंगू के डंक से काफलीगैर बागेश्वर निवासी राजेंद्र सिंह (37 वर्ष) की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। राज्य में डेंगू से ये पहली मौत है। मौत की सूचना सीएमओ नैनीताल को दी गई है। जबकि सुशीला तिवारी अस्पताल में दिमागी बुखार से दो की मौत हो गई। दिमागी बुखार से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है।
काफलीगैर बागेश्वर निवासी राजेंद्र सिंह को पिछले दस दिन से बुखार था। वे अल्मोड़ा में अपना इलाज करा रहे थे। स्थिति बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें हल्द्वानी लाया गया और बृजलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बृजलाल हास्पिटल में वरिष्ठ फिजीशियन डा. अमरपाल सिंह ने बताया कि राजेंद्र सिंह की स्थिति काफी गंभीर थी।
उनकी नाक से ब्लीडिंग शुरू हो गई थी और प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थी। बृहस्पतिवार को सिंह की स्थिति बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डा. सिंह ने बताया कि डेंगू से मौत की सूचना सीएमओ डा. एलएम उप्रेती को दी गई है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र सिंह कहीं बाहर भी नहीं गए थे और गांव में ही रह रहे थे।
बागेश्वर में डेंगू से मौत होना चिंता का विषय है। वहीं, सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान दिमागी बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में सुंदर कुमार (33 वर्ष) निवासी आनंद नगर आरटीसी हेमपुर नैनीताल और महक (04 माह) निवासी बिलासपुर जिला रामपुर शामिल हैं।
सुंदर कुमार 10 सितंबर को और महक 11 सितंबर को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हुई थीं। एसटीएच के एमएस डा. एके पांडेय ने बताया कि महक की मौत बृहस्पतिवार देर रात और सुंदर कुमार की मौत शुक्रवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे हुई। बुधवार रात मित्रपुरम जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी प्रेमलाल के पुत्र सूरज कुमार (11 वर्ष) की दिमागी बुखार से बृजलाल हास्पिटल में मौत हो गई थी।