हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पांच माह का वेतन सहित आठ मांगों को लेकर मंडलीय कार्यालय संचालन काठगोदाम में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्य सरकार से रोडवेज को उबारने के लिए 100 करोड़ अनुदान देने की मांग भी उठी।
केंद्रीय प्रबंध समिति के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारियों ने मंगलवार को मंडलीय कार्यालय काठगोदाम में प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने के कारण रोडवेज कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। संविदा, विशेष श्रेणी एजेंसी जैसे अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांगे नहीं मानने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह डंगवाल ने कहा कि शासन से सोमवार को हुई वार्ता विफल होने के बाद परिषद ने धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रखने का निर्णय लिया है। धरना-प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष विक्रम डंगवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष आन सिंह जीना, भूपेंद्र अधिकारी, जगमोहन, शंकर सिंह, आरएस नेगी, जगदीश शर्मा, राजेश कोहली, जगदीश कांडपाल, उमेश जोशी, बीडी सांगुडी, पुष्कर बिष्ट, भगवती नेगी, मीना जोशी, डूंगर संभल, हेमंत कुमार आदि रहे।
ये हैं मांगें -
-कोरोना के कारण जान गंवाने वाले कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करते हुए उनके परिजनों को 50 लाख की राशि जारी की जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले।
- संविदा श्रेणी चालक-परिचालकों को लॉकडाउन अवधि में 250 किलोमीटर प्रतिदिन औसत से वेतन का भुगतान किया जाए।
-लॉकडाउन पीरियड में समस्त संविदा-विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को बसों का संचालन न होने की स्थिति में पूर्ण उपस्थिति दी जाए।
-कर्मचारियों को चार माह का वेतन जारी किया जाए
- राज्य सरकार रोडवेज को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दे
-गंभीर रूप से बीमार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जाए।
- रोडवेज की बसों का छह माह का रोड टैक्स माफ किया जाए।