परिवहन निगम के लिए मानसून मुसीबत बन कर आया है। बरसात के कारण मुसाफिरों ने यात्रा करना टाल दिया है। इसके चलते रोडवेज को लाखों रुपये का घाटा प्रतिदिन हो रहा है। ऐसे में अगले महीने वेतन को लेकर कर्मियों को इंतजार करना पड़ सकता है। सबसे ज्यादा घाटे में पहाड़ के डिपो चल रहे हैं।
पर्यटन सीजन में परिवहन निगम ने खूब आय अर्जित की। बसों में पैर रखने की जगह तक नहीं हो रही थी। पर अब हालात बदल गए हैं। बरसात में परेशानी उस पर भूस्खलन, रास्ता बंद होने के कारण पर्यटक तो दूर की बात है, सामान्य यात्री भी सफर करने से बच रहे हैं।
नैनीताल रीजन में सामान्य दिनों में आय 47 से 48 लाख प्रतिदिन हो रही थी, वह घटकर 37 से 38 लाख तक रह गई है। एक दिन में 10 लाख का नुकसान हो रहा है। इससे एक महीने में घाटा करोड़ों में पहुंच गया है।
सूत्रों के अनुसार ऐसे में प्रबंधन के सामने अगले महीने कर्मियों को वेतन का भुगतान समय पर करने को लेकर माथापच्ची चल रही है। जो हालात हैं, उसमें कर्मियों वेतन सही समय पर मिल पाएगा इसकी संभावना कम लग रही है।
अभी जो आय हुई है, उससे केवल परिवहन निगम ने देनदारियां ही निपटाई हैं। इसके अलावा घाटा काम करने को रोडवेज ने देहरादून और दिल्ली रूट पर बसों की संख्या कम की गई है।