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रोडवेज में कर्मचारियों और एवीबीपी में भिड़ंत 

Mon, 29 Aug 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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रोडवेज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रोडवेज में दो युवकों द्वारा मेरठ के बस की लोकेशन पूछने पर कर्मचारियों से झड़प हो गई। युवकों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने पीटकर उनका बैग लूट लिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद हल्द्वानी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के समूह ने रोडवेज में घुसकर हंगामा और मारपीट की। सूचना मिलने ही कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को डांटकर हटाया और दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
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कोतवाली थाने में दोनों पक्षों ने आपस में बहस करने के बाद समझौता कर लिया। पुलिस ने एआरएम के समझ दोनों कर्मचारियों को छोड़ दिया। 
अल्मोड़ा जिले के धारी निवासी संजय पांडे मेरठ एबीवीपी कार्यालय का कर्मचारी है। रविवार को वह अपने भाई सतीश पांडे को भी नौकरी लगाने के लिए मेरठ जा रहा था। हल्द्वानी रोडवेज आने पर संजय ने रोडवेज के पूछताछ काउंटर पर बैठे कर्मचारियों सुखदेव सिंह और किशन सिंह नेगी से मेरठ जाने वाली बस के बारे में पूछा। दोनों बताया कि बस बाहर खड़ी मिलेगी। इस बीच दोनों भाइयों ने कहा कि पहले तो मेरठ की बस अंदर मिली थी। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।

संजय का आरोप है कि पूछताछ काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने अपने साथियों को बुलाया। इसके बाद दोनों भाइयों की कर्मचारी पिटाई करने लगे। हमलावरों ने उनका बैग छीन लिया। संजय ने घटना से मेरठ एबीवीपी कार्यालय को अवगत कराया। इसके बाद हल्द्वानी से एबीवीपी नेता प्रमोद बोरा के नेतृत्व में काफी संख्या में समर्थक रोडवेज आए। एबीवीपी समर्थकों ने हमलावरों को ढूंढने के लिए कर्मचारियों के साथ मारपीट और हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली एसएसआई विक्रम सिंह राठौर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे।
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पुलिस ने दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद हंगामा कर रहे लोगों को हटाया। कोतवाली आने के बाद दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। कर्मचारियों ने पहले पुलिस पर धौंस जमाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने अवगत कराया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों पक्षों की करतूत कैद हो गई है। फंसने की नौबत आने पर दोनों पक्षों ने आपस में बातचीत कर समझौता कर लिया। 

सीसीटीवी की बात सुनने पर संतुष्ट हुई एआरएम 
पुलिस कस्टडी में विकलांग कर्मचारी सुखदेव सिंह और किशन सिंह नेगी के आने पर रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने पुलिस पर छोड़ने का दबाव बनाया लेकिन पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज का प्रमाण बताने पर कर्मचारी नेता सकते में आ गए। एसएसआई विक्रम राठौर ने थाने में आई रोडवेज की एआरएम इंद्रा जंगपांगी और सुरेंद्र सिंह बिष्ट को सही जानकारी देकर संतुष्ट किया। इससे पहले थाने में कर्मचारी नेता विवाद को लेकर अपनी-अपनी राजनीति चमकाने में लगे थे।  
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