बनभूलपुरा में प्रदेश की वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश की सभा के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। कांग्रेस को जवाब देने के लिए सपा पदाधिकारी पार्टी के फायर ब्रांड नेता आजम खान की सभा कराने की योजना बना रहे हैं। आजम खां को बुलाने के पीछे मकसद सपा को उबारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में सपा के प्रदेश महासचिव अब्दुल मतीन सिद्दीकी कांग्रेस में शामिल हुए। हल्द्वानी में मुस्लिम मतदाताओें में पैठ बनाने में इसे कांग्रेस का बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर वित्तमंत्री ने शनिवार को मतीन सिद्दीकी के साथ बनभूलपुरा में सभा कर मुस्लिम मतों को लामबंद करने की कोशिश की। इस सभा में लगे हाथ वित्तमंत्री ने यह भी इशारा कर दिया कि पार्टी में फूट डालने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। वित्तमंत्री का इशारा भर हुआ और तुरंत ही प्रशासन भी हरकत में आ गया।
बनभूलपुरा में एक कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट पर जिला प्रशासन दस लोगों को पाबंद करने की तैयारी में है। वित्तमंत्री की सभा के बाद आनन-फानन में सपा पदाधिकारियों ने बनभूलपुरा क्षेत्र में शनिवार को सभा की। सभा में कांग्रेस और भाजपा को खासतौर निशाने पर रखा गया। सपा के स्थानीय नेता इरफान ने पूछने पर कहा कि मतीन के जाने के बाद भी सपा का वोट बैंक नहीं खिसकेगा। अपने लोगों को एकजुट करने के लिए सपा के कद्दावर नेता आजम खान की शीघ्र ही सभा कराई जाएगी।