नैनीताल के लिए सोमवार से बड़ी बसों पर पाबंदी लगने के बाद रोडवेज प्रबंधन की अव्यवस्था खुलकर सामने आ गई। पर्याप्त बसें न चलने से नैनीताल के अलावा विभिन्न रूटों के यात्री परेशान रहे। डिमांड के अनुरूप बसें न होने से पर्वतीय रूटों की 35 सीटर बसों को भी नैनीताल भेजा गया।
इससे मैदानी रूटों के लिए यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। रोडवेज प्रबंधन ने पाबंदी के बावजूद नैनीताल रूट पर जबरन बसें चलाने का प्रयास किया, जिन्हें आरटीओ की टीम ने लौटा दिया। नैनीताल रूट पर 15 मई से 35 सीटर से बड़ी बसोें का संचालन न करने के हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद परिवहन निगम का रवैया ढिलुमुल रहा है।
अचानक बढ़े यात्रियों के दबाव को रोडवेज प्रबंधन झेल नहीं पाया। स्थानीय यात्रियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए प्रबंधन ने अफरातफरी में अल्मोड़ा व रानीखेत आदि स्थानों से बरेली रूट पर चली 35 सीटर बसों को भी नैनीताल रूट पर चला दिया।
इससे बरेली व अन्य मैदानी रूटों को जाने वाले यात्री परेशान रहे। यात्री घंटों रोडवेज स्टेशन के वेटिंग रूम पर बसों की बाट जोहते रहे। उधर, आरटीओ की टीम ने तेजी दिखाते हुए रविवार रात बजे से ही काठगोदाम पुलिस चौकी पर बैरियर बनाकर चेकिंग शुरू कर दी थी।
सोमवार को नैनीताल रूट पर चलने का प्रयास कर रही रोडवेज की चार और तीन पर्यटक बसों को आरटीओ की टीम ने लौटा दिया। जबकि कालाढूंगी से नैनीताल चलने का प्रयास कर रही सात पर्यटक बसों को लौटाया।
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. गुरदेव सिंह ने बताया कि यात्रियों के लिए अतिरिक्त रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। रोडवेज प्रबंधन नैनीताल रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें चलाने का दावा करता रहा।
हल्द्वानी डिपो से सोमवार को 10 छोटी बसें नैनीताल भेजी गई, जिनके दो से तीन फेरे बढ़ाये गये। हल्द्वानी, काठगोदाम व भवाली डिपो की छोटी बसों को नैनीताल रूट पर चलाया गया। एआरएम हल्द्वानी ने इंदिरा जंगपांगी ने दावा किया नैनीताल रूट के यात्रियों को किसी प्रकार की परेशान नहीं हुई।
एआरटीओ को भेजा चारधाम ड्यूटी
आरटीओ कार्यालय हल्द्वानी में तैनात एआरटीओ (प्रशासन) संदीप वर्मा की चारधाम यात्रा पर ड्यूटी लगा दी गई है। एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. गुरदेव सिंह को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आरटीओ राजीव मेहरा ने बताया कि राज्यभर के सभी एआरटीओ को 15 दिन के रोस्टर पर चारधाम यात्रा ड्यूटी पर भेजा जा रहा है।