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पत्थरखानी के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण शुरू कर मिशाल कायम की

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पत्थरखानी में सड़क निर्माण कार्य में जुटे प्रवासी व ग्रामीण। संवाद न्यूज - फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पत्थरखानी (मल्ली रिखाड़ी) के ग्रामीणों और प्रवासियों ने सरकार के भरोसे रहने के बजाय अपने संसाधनों से सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ गांव के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क कई सालों से प्रस्तावित है। सड़क बनने की राह देखते देखते एक के बाद एक साल बीतता हुआ देख रहे ग्रामीणों ने युवाओं के कहने पर एक जेसीबी की मदद से और श्रमदान करके अपने खेतों को काटकर करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क बनाने की शुरूआत कर दी है।
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सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे ग्राम पंचायत सुरना रिखाड़ी के दूरस्थ गांव पत्थरखानी के ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल इस सड़क को गांव के ऊपरी छोर पर बनी जौरासी की कच्ची सड़क से जोड़ने की है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य की शुरूआत की। इस मौके पर प्रधान तुलसी देवी, गोपाल रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, चंदन सिंह नेगी, शंकर सिंह, भगवत, भवान सिंह, खुशाल सिंह, मदन सिंह, नरसिंह, दान सिंह, पुष्कर सिंह, गोपाल सिंह व मोहन सिंह आदि थे।
सड़क नहीं होने से प्रवासी भी नही कर पा रहे कोई रोजगार
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लिए पीएमजीएसवाई के तहत गैरखेत से वाया पत्थरखौ से उनके गांव तक सड़क प्रस्तावित होने की बात लंबे समय से कही जाती रही है। परंतु आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण नही हो सका। गांव के सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना काल में नौकरी छूटने पर कई प्रवासी गांव लौटे और यहीं रहकर कुछ करने का प्रयास किया तो सड़क आड़े आ गई। इस पर प्रवासियों और ग्रामीणों ने सड़क निर्माण होने तक दूसरे छोर जौरासी वाले मार्ग तक वैकल्पिक सड़क बनाने का निर्णय लिया। सड़क निर्माण में गांव के बुजुर्ग और बच्चों के साथ ही महिलाएं भी भरपूर सहयोग कर रही हैं।
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इसलिए पड़ा नाम पत्थरखानी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पत्थरखानी गांव में पहाड़ों में मकानों के ऊपर लगने और आंगन में बिछाने वाले पत्थरों की बड़ी खान होने के कारण गांव का नाम पत्थरखानी पड़ा। हालांकि बाद में सरकारी अभिलेखों में नाम मल्ला रिखाड़ी हो गया परंतु आज भी प्रसिद्ध नाम पत्थरखानी ही है।
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