नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के तहत मिलने वाली प्रशासनिक सेवाओं की समय-सीमा तय कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, छात्रों के कार्यों का निस्तारण अब निर्धारित अवधि में करना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत चरित्र प्रमाणपत्र, माइग्रेशन और प्रोविजनल डिग्री जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रत्येक कार्यदिवस पर जारी किए जाएंगे। वहीं, मूल उपाधि प्रमाणपत्र (डिग्री) और छात्रवृत्ति से जुड़े आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकतम 30 कार्यदिवस की समय-सीमा तय की गई है। कार्य में देरी होने पर छात्र कुलसचिव या कुलपति के समक्ष अपील कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने कहा प्रशासन छात्रों को पारदर्शी और त्वरित सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य जवाबदेही तय करना है ताकि किसी भी छात्र को प्रमाण-पत्रों के लिए भटकना न पड़े। संवाद