रामनगर। नए खनन सत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकने के लिए कोसी और दाबका नदी क्षेत्र में खनन कार्य में लगे वाहनों में आरएफआईडी चिप लगाने की योजना बनाई जा रही है। नए सत्र से पहले सभी पंजीकृत खनन वाहनों को इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। इसके लागू होने के बाद खनन वाहनों की आवाजाही पर अधिकारियों की सीधी नजर रहेगी।
रामनगर की कोसी और दाबका नदी के छह खनन गेटों में खनन कार्य के लिए 2600 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। अभी इन वाहनों की निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर जांच की जाती है। आरएफआईडी व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन के तोल कांटे पर पहुंचते ही उसकी पहचान चिप के माध्यम से दर्ज हो जाएगी। वाहन कब और किस तोल कांटे से गुजरा, उसमें मौजूद उपखनिज की मात्रा, वाहन के प्रपत्रों को जानकारी समेत अन्य जरूरी जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध हो सकेगी।
ओवरलोडिंग पर कसेगा शिकंजा
रामनगर। खनन सत्र के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में अवैध खनन के साथ ओवरलोडिंग भी शामिल रहती है। आरएफआईडी चिप के जरिए क्षमता से अधिक उपखनिज होने पर चिप सीधा अधिकारियों और तोल कांटे को जानकारी देगा।
हर वाहन की जानकारी रखना होगा आसान
रामनगर। आरएफआईडी चिप से मिलने वाली जानकारी को निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा जिससे नियमों का उल्लंघन करते करने वाले वाहनों को चिह्नित करने में आसानी होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से होगी निगरानी
रामनगर। नई व्यवस्था में खनन वाहनों की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की तैयारी की जा रही है। इससे तोल कांटे पर चिप स्कैन होने के बाद वाहन की जानकारी सिस्टम में दर्ज होगी। इससे जांच के दौरान संबंधित वाहन की गतिविधियों का रिकॉर्ड देखा जा सकेगा।
नए खनन सत्र से इस आरएफआईडी चिप व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पंजीकृत वाहनों का डाटा और अन्य आवश्यक जानकारी को व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
- मुदित आर्या, डीएसएम, रामनगर वन निगम।