नैनीताल। जिले में शनिवार को भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में नैनीताल में 11 मिमी, हल्द्वानी में मिमी और कालाढूंगी में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के चलते जिले में 19 मार्ग यातायात के लिए बंद रहे, जिनमें दो प्रमुख मार्ग और 17 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें जुटी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गौला बैराज में 4,496 क्यूसेक, कोसी बैराज में 8,119 क्यूसेक और नंधौर में 2,449 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, बारिश से जिले में जनहानि समेत भवनों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना दर्ज की गई है। बिजली और पेयजल आपूर्ति की स्थिति सामान्य बताई गई है।
नैनीझील का जल स्तर 88 फीट एक इंच पर स्थित
नैनीताल। शहर में लगातार हो रही बारिश से नैनीझील का जलस्तर 88 फीट एक इंच बना हुआ है। जो खतरे के निशान से 11 इंच नीचे है। झील के निकासी द्वार नियमित रूप से खुले रहने के बावजूद जल स्तर चार दिनों से स्थिर हैं। झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश गैड़ा ने बताया कि झील के निकासी द्वार नौ इंच खोले गए हैं, इसके बावजूद जल स्तर 88 फीट एक इंच बना हुआ है। जनवरी से अब तक 2038 मिमी बारिश हो चुकी है।
देर रात गिरे पेड़, तीन कारें, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त
रामनगर। वार्ड नंबर एक पंपापुरी में शुक्रवार देर रात बारिश और अंधड़ के चलते हल्दू और कुसूम के दो विशालकाय पेड़ रास्ते में गिर गए। इससे पेड़ों के नीचे खड़ी तीन कारें और बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सूचना पर वन विभाग और ऊर्जा निगम की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर कृष्णा मेहरा ने बताया कि दोनों पेड़ों को काटकर मार्ग खोल दिया है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता गोविंद कार्की ने बताया कि शनिवार सुबह लाइन को ठीक कर सप्लाई शुरू कर दी है।
बरसात में सड़कें टूटने से 3.50 करोड़ का नुकसान
भवाली (नैनीताल)। मूसलाधार बारिश से भीमताल, धारी और ओखलकांडा क्षेत्र में सड़कों के टूटने से काफी नुकसान हुआ है। लोनिवि आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने में लगा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभाग की ओर से वाहनों की आवाजाही सुचारू की गई है। जिन जगहों पर मलबा आ रहा है वहां जेसीबी मशीन से मलबा हटाया जा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि भवाली डिवीजन को 3.50 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त सड़कों को सही कराने के लिए आपदा मद में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धनराशि स्वीकृत होने के साथ सड़कों का निर्माण कार्य किया जाएगा।
सड़क धंसने से सुयालबाड़ी सीएचसी को खतरा
भीमताल/गरमपानी (नैनीताल)। मूसलाधार बारिश से सुयालबाड़ी-ओड़ाखान-नथुवाखान मोटर मार्ग पर सड़क धंसने से सुयालबाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा दीवार को खतरा पैदा हो गया है। सुयालबाड़ी के मदन मोहन सुयाल ने सड़क मरम्मत की मांग की है। इधर मनरसा और जवाहर नवोदय विद्यालय के पास भी सड़क पर दरारें पड़ने से खतरा बढ़ गया है।
भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत बानना में सड़क टूटने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया, प्रधान दीपा देवी, बीडीसी सदस्य संतोष शर्मा, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य खीमा शर्मा, गणेश आर्या, प्रकाश शर्मा ने जल्द सड़क सही कराने की मांग की है।
भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने शनिवार को पांडेगांव और जंगलियागांव में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रधान राधा कुल्याल ने बताया कि जंगलियागांव के तोक माल गांव में मान सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। मलुवाताल में आवासीय भवनों और भूमि को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के 10 मकानों को नुकसान पहुंचा है। बीडीओ हर्षित गर्ग और राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर आपदा पीड़ितों को प्राथमिक विद्यालय मलुवाताल में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया है।
इधर धारी ब्लॉक के अमदौ गांव के तोक बिजरौली में फसलें बहने से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा है। कांग्रेसी नेता मनोज शर्मा ने कहा कि दुदुली के तोक बैडा में भोलादत्त कोटलिया के खेत, घर को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मुआवजा और क्षतिग्रस्त सड़कों को सही कराने की मांग की है।