प्रदेश सरकार द्वारा बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने के बजाय नगर पालिका बनाने के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा और क्षेत्रीय जनता मुखर है। ग्रामीणों ने कहा कि राजस्व ग्राम से कम कुछ मंजूर नहीं, सरकार अपना निर्णय बदले।
28 जनवरी को होने वाली किसान महापंचायत की सफलता के लिए बृहस्पतिवार को खुरिया खत्ता और गांधी नगर में किसान पंचायत आयोजित की गई। साथ ही ग्रामीणों ने घर-घर संपर्क कर सरकार के फैसले की निंदा करते हुए किसान महापंचायत को सफल बनाने की अपील की।
खुरिया खत्ता और गांधी नगर में आयोजित किसान पंचायतों में किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाकर प्रदेश सरकार ने वादाखिलाफी की है, जिसका क्षेत्र की जनता विरोध करती है। क्षेत्रीय विधायक हरीश चंद्र दुर्गापाल ने भी इस मामले में जनता को धोखा दिया है।
उन्होंने कहा कि पालिका बनने से बिंदुखत्ता में जमीन की लूट मच जाएगी। उन्होंने मामले में क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी की चुप्पी पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया। किसान पंचायतों को किसान नेता बहादुर सिंह जंगी, बिंदुखत्ता क्षेत्र अध्यक्ष भुवन जोशी, भाकपा ( माले ) जिला सचिव कैलाश पांडेय, विमला रौथाण, ललित मटियाली आदि ने भी संबोधित किया।
इस दौरान अखिल भारतीय किसान महासभा की ग्राम कमेटियों का भी गठन किया गया। इसके तहत गांधी नगर से लक्ष्मीदत्त जोशी और खुरिया खत्ता से नारायण सिंह पालीवाल अध्यक्ष चुने गए। किसान महासभा में राजेंद्र शाह, कमलापति जोशी, गोविंद जीना, बिशन दत्ता जोशी, गोविंद बल्लभ नैनवाल, शंकर जोशी, शंकर चुफाल आदि थे।