रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) और राजकीय इंटर कॉलेज क्यारी की ओर से सोमवार को कोसी नदी के पुनर्जनन पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला के संयोजक डॉ. प्रदीप रावत ने रामनगर क्षेत्र को पानी देने वाली कोसी की दो प्रमुख सहायक नदियों बांगाजाला और खिचड़ी में जल संवर्धन के लिए पाइलट प्रोजेक्ट के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की बात कही।
नगरपालिका ऑडोटोरियम में सोमवार को हुई कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रो. जीवन सिंह रावत, प्रो. चारू पंत ने विस्तार से कोसी नदी के घटते जलस्तर और सूखती सहायक नदियों पर चिंता व्यक्त की और इन्हें पुनर्जनित करने पर जोर दिया। यूसर्क वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र राना ने यूसर्क की ओर से जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि इंदर सिंह रावत ने कोसी नदी के गिरते जलस्तर पर चिंता व्यक्त की। वरिष्ठ पत्रकार विनोद पपनै ने भी कोसी के संरक्षण पर अपने विचार रखे।
इससे पूर्व राइंका क्यारी के प्रधानाचार्य रामानंद त्रिपाठी, यूसर्क देहरादून की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मंजू सुंदरियाल ने मुख्य अतिथि विधायक दीवान सिंह बिष्ट, विशिष्ट अतिथि ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि इंदर सिंह रावत का स्वागत किया। कार्यशाला में अशेष अग्रवाल, शैलेन्द्र सिंह, अमित चौधरी, भाजपा नेता नरेंद्र शर्मा, भूपेन्द्र खाती, मनमोहन बिष्ट, सुरेश घुघत्याल, कुलवंत सजवान, अमित बिष्ट, कन्नू जोशी, संतोष अधिकारी आदि मौजूद रहे।
पोस्टर प्रतियोगिता में सलोनी प्रथम
रामनगर महाविद्यालय की डॉ. किरन पंत और डॉ. भावना पंत के निर्देशन में कोसी पुनर्जनन पर विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के बीच पोस्टर प्रतियोगिता कराई गई। इसमें जीपीपी इंटर कॉलेज रामनगर की सलोनी ने प्रथम, राउमावि शिवपुर बैलजुड़ी की योसमा रावत ने द्वितीय और जीपीपी इंटर कॉलेज रामनगर की शिवानी ने तृतीय स्थान पाया। शिक्षकों के बीच आयोजित बेस्ट पोस्टर गाइड प्रतियोगिता में जीपीपी इंटर कॉलेज रामनगर की जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. अन्वेशा शाह विजेता रही।