फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन के लिए एकजुटता का संकल्प

विज्ञापन
विज्ञापन
रामनगर (नैनीताल)। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से रविवार को रामनगर में आयोजित किसान पंचायत में बड़ी संख्या में राज्य और यूपी के किसान पहुंचे थे। उत्तराखंड और यूपी के किसानों ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया।
विज्ञापन

पैंठपड़ाव में आयोजित पंचायत में दीवान कटारिया ने कहा कि इस सदी का यह पहला आंदोलन है,जिस पर विश्व के छात्र शोध कर रहे हैं। भविष्य में यह आंदोलन देश के स्वतंत्रता आंदोलन की तरह इतिहास में दर्ज होगा, जिसे पूरी दुनिया पढ़ेगी। कहा कि केंद्र सरकार इस आंदोलन को कुचलने के मंसूबे बना रही है, जिसका अंजाम सरकार के लिए ठीक नहीं होगा। राजेंद्र सिंह ने कहा कि बीस साल से उत्तराखंड में खेती बर्बाद होने के कारण गांव खाली हो चुके हैं। दिगंबर सिंह ने कहा कि नए कृषि कानून के चलते पूरे देश की यही स्थिति हो जाएगी। जगतार सिंह बाजवा, कमांडो रामेश्वर श्योरान व हरनेक सिंह ने सरकार को पूरी तरह से असंवेदनशील बताते हुए किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
मुनीष कुमार के संचालन में हुई किसान पंचायत में रवनीत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। रवनीत के पिता सरदार साहब सिंह भी किसान पंचायत में पहुंचे।
इस दौरान असित चौधरी, आशीष मित्तल, तेजेंद्र सिंह विर्क, संतोष कुमार, सुखविंदर सिंह, दर्शन सिंह, तरुण जोशी, पीसी तिवारी, ललिता रावत, जोगेंद्र सिंह, चौधरी बलजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सतपाल सिंह, अवतार सिंह, मो. शफी, इस्लाम हुसैन, दिगंबर सिंह आदि मौजूद रहे। पंचायत में सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता, काशीपुर, बाजपुर, अल्मोड़ा, सल्ट, उप्र के कालागढ़, ठाकुरद्वारा, बिलासपुर, बरेली आदि जगहों से किसान पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें