मीरा मार्ग में सपा नेता के समर्थकों ने मारपीट कर माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन क्षेत्र के अमन पसंद लोगों ने बातचीत कर माहौल बिगड़ने से बचा लिया। भीड़ को हटाने में भी अमन पसंद लोगों ने मदद की। वैसे सपा नेता पुलिस अधिकारियों के काफी करीबी माने जाते हैं। यही कारण था कि हमलावरों से दो दो हाथ करने वाले पुलिसकर्मी उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते अपना मुंह बंद कर लिए।
मीरा मार्ग में मारपीट और आक्रामक भीड़ के चलते बाजार के लोग खौफजदा हो गए। घटना के बाद पीड़ित अशोक अग्रवाल का परिवार भय के चलते अपने मकान से बाहर नहीं निकल रहा था, जबकि सीओ सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ मौके पर उपस्थित थे। घटना के बाद सैकड़ों की भीड़ सड़क पर इकट्ठा हो गई थी। इस बीच संभ्रांत लोगों ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर हटाया।
सपा नेता का कहना था कि विरोधियों ने पहले हाथ छोड़ा था। इसके बाद लोग बेकाबू हो गए। बेकाबू भीड़ पुलिस को भी कुछ नहीं समझ रही थी। हमलावर पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। इसके बाद मदद के लिए मौके पर फोर्स बुलानी पड़ी। फोर्स आने पर पहले पहुंचे पुलिसकर्मियों ने अपनी व्यथा बताना शुरू किया तो कोतवाल ने मुंह बंद करने की सलाह दी। इसके बाद दरोगा भी चुप हो गए। इधर घटना के पहले सपा नेता दिन में भी कुछ पुलिस अधिकारियों से मिलने के लिए कोतवाली और सीओ कार्यालय गए थे।