मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भीमताल स्थित औद्योगिक घाटी में बंद पड़े उद्योगों के बारे में मंडलायुक्त से रिपोर्ट तलब की है, जिसके बाद बंद पड़े उद्योगों के कब्जे वाली जमीन के बारे में सरकार कोई फैसला लेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम को बताया गया कि अविभाजित उत्तर प्रदेश में वर्ष 1980 के दशक में जब औद्योगिक घाटी की स्थापना हुई थी तब यहां कई उद्योग स्थापित हुए, लेकिन बाद के वर्षों में अनुदान का लाभ लेने के बाद अधिकांश उद्योगों में ताले लग गए और जमीन आज भी उद्योगपतियों के कब्जे में है। सीएम ने कहा कि इस संबंध में कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी गई है।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने स्वीकारा कि प्रदेश में अपराध बढ़े हैं, लेकिन यह भी कहा कि भूरा की फरारी मामले को छोड़कर अधिकांश आपराधिक वारदातों का खुलासा पुलिस कर चुकी है। भूरा के अधिकांश साथियों को भी दबोचा जा चुका है। भूरा की धरपकड़ के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भीमताल समेत आसपास की सात झीलों के सौंदर्यीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि स्वीकृत की है, जल्द ही सौंदर्यीकरण का काम शुरू करा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के बजट में की गई कटौती के बाबत मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के तो अच्छे दिन आ गए, लेकिन देश भर में गरीब, किसान, मजदूर, बेरोजगार किसी के भी अच्छे दिन नहीं आए। फिलहाल बजट में कटौती के मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री से वार्ता हुई है और जल्द ही वह प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात तो करते हैं लेकिन मन की बात खुले भाव से होनी चाहिए।