कैलाखान से लगे चांदमारी क्षेत्र में खेलने गए बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। वह उसे बीस फीट तक खींच ले गया। अन्य बच्चों के शोर मचाने और पत्थर मारने पर वह जंगल में भाग गया। किशोर को बीडी पांडे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर कर दिया। साथ में मौजूद बच्चों के शोर मचाने, पत्थर व डंडे से आक्रमण के चलते गुलदार घायल को छोड़ फरार हुआ। लोगों का कहना है कि तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ था।
कैंट निवासी अक्षय कुमार (10) पुत्र मोहन प्रकाश रविवार को अपने दोस्तों के साथ चांदमारी क्षेत्र में क्रिकेट खेलने गया था। इसी बीच वह मैदान से लगे जंगल में बुरांश के फूल तोड़ने लगे, तभी अचानक एक तेंदुआ दहाड़ते हुए उनके समीप आ गया। बच्चे संभल पाते तेंदुए ने अक्षय की गर्दन दबोच ली और उसे 20 फीट तक खींच ले गया। तभी बच्चों ने शोर मचाया तथा पत्थर से गुलदार पर हमला किया। वहां मौजूद युवक पंकज ने समीप में पड़ी लकड़ी से गुलदार पर प्रहार कर दिया, इस पर तेंदुआ फरार हो गया। किसी तरह घायल अक्षय को मुख्य मार्ग तक लाया गया। जहां से जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। डा. एमएस दुग्ताल ने बताया उसकी गर्दन पर गहरा जख्म है।
घटना के बाद से अक्षय बेसुध है, उसकी मां उमा सहमी हुई है। तेंदुए पर लकड़ी से वार करने वाला पंकज दहशत में हैं। वह किसी से बात भी नहीं कर रहा, बस गुम सा है। इधर, बच्चे के उपचार और तीमारदारी में लगे पूरन मेहरा, बहादुर रौतेला, नैना वन रेंजर मनोज पांडे, मनोरा रेंजर मुकुल शर्मा ने बताया सुशीला तिवारी अस्पताल में अक्षय का आपरेशन हुआ। इनके अलावा क्षेत्र के सतीश, भाष्कर नेगी, बलवंत सिंह, कमल, पूरन राजपूत, पंकज, सतीश चंद्र, ललित सिंह, निधि पांडे का कहना है कि तेंदुए के मुंह खून लग गया है। अब वह क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने वन विभाग से इसे पकड़ने की मांग की है। ब्यूरो
नोट:-22एनटीएल11से15पी।