हाईकोर्ट ने आरक्षित वन क्षेत्रों के किनारे के खेतों में लगाई गई बिजली की बाड़ को छह सप्ताह के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सभी जिलाधिकारी इस आदेश का पालन करें और आदेश का पालन हो जाने पर प्रमुख सचिव वन शपथपत्र दाखिल करें।
सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंड पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। एक जनहित याचिका (इन री इन दॉ मेटर ऑफ रेग्यूलेशन ऑफ इलेक्ट्रिक फेंसिंग अराउंड विलेज फार्म लैंड) पर कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि आरक्षित वनों से सटे क्षेत्रों में किसान खेती को वन्य जीवों से बचाने के लिए बिजली की तार बाड़ कर रहे हैं। इन तारबाड़ों से जानवरों और मनुष्यों को जान का खतरा हो रहा है।
कोर्ट ने बिजली की तार बाड़ को छह सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश देते हुए सभी जिलाधिकारियों को आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव वन को आदेश का पालन होने के बाद शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।