नैनीताल। छोटी-छोटी बातों पर तकरार और गलतफहमी इतनी बढ़ गई कि दंपती के रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच गए। सास-ससुर अपनी बहू को दोषी मानकर उसे बेटे से अलग करने की सोच रहे थे। दूसरी ओर छोटी से बात पर दंपति अलग होने की राह पर थे। काउंसलिंग कराने के बाद दोनों परिवार फिर से जुड़ गए।
केस एक
खटीमा निवासी एक युवक की शादी तीन साल पहले हुई थी। कुछ समय बाद छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगा। युवक के माता-पिता को लगने लगा कि बहू की वजह से बेटा उनके ऊपर ध्यान नहीं दे रहा है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में खुद ही दोनों काउंसलिंग के लिए पहुंचे। उनका कहना था कि बहू ने बेटे को बर्बाद कर दिया है। वह उनका ध्यान नहीं रख रहा है, बहू भी हमेशा विवाद करती रहती है। दोनों बेटा और बहू को अलग करना चाहते थे। मनोचिकित्सक राखी माधवा ने दोनों की काउंसलिंग की और परिवार में एक दूसरे का ख्याल रखने की सलाह दी। इस पर सभी लोग साथ रहने की बात कहकर घर चले गए।
केस दो
देहरादून निवासी एक दंपती की करीब एक साल पहले शादी हुई। कुछ समय बाद दोनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। इस बीच पति-पत्नी वेलेंटाइन डे पर नैनीताल घूमने पहुंचे। यहां दोनों एक होटल में ठहरे थे। रात में ही दोनों में जमकर विवाद हुआ। दोनों ने अलग होने तक की बात सोच ली। अगले दिन दोनों काउंसलिंग के राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पहुंच गए। काउंसलिंग में पता चला कि पति-पत्नी में छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमी बढ़ रही थी। काउंसलिंग के बाद दोनों खुशी घर चले गए।
वर्जन
प्राधिकरण की ओर से लोगों की काउंसलिंग कर उचित सलाह दी जाती है। दंपती और सास-ससुर ने विवाद बढ़ने से पहले ही उचित सलाह ली। अब दोनों परिवारों के रिश्ते टूटने से बच गए हैं। - प्रदीप मणि त्रिपाठी, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण