हल्द्वानी। उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल उत्पादन 1,67,569 लीटर प्रतिदिन था जो इस बार 2,17,454 लीटर पहुंच गया है। यह आंकड़ा बीते सात सालों में सबसे अधिक है।
दुग्ध उत्पादन के लिए डेयरी विभाग की ओर से पशु चारा वितरण और किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का असर अब धरातल पर भी दिखने लगा है। पशुओं की सेहत और खान-पान में हुए सुधार के बाद डेयरी विकास विभाग की ओर से अधिकतम दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरा करते हुए इस बार सबसे अधिक उत्पादन कर विभाग ने रिकार्ड बना लिया है।
दुग्ध उत्पादन की रेस में इस बार नैनीताल जिला सबसे आगे है। उसके बाद ऊधम सिंह नगर जिला है और तीसरे नंबर पर हरिद्वार है। नैनीताल में बीते साल यह उत्पादन 90,874 था जो बढ़कर 1,01,600 हो गया है। ऊधमसिंह नगर में यह उत्पादन बीते साल 34,746 था जो कि बढ़कर 39,727 हो गया है और वहीं हरिद्वार में यह आंकड़ा 11,337 से बढ़कर 13,956 हो गया है।
प्रदेश में वर्षवार आंकड़ा
2017-18 - 194962
2018-19 - 204270
2019-20 - 183489
2020-21 - 189026
2021-22 - 201092
2022-23 - 167569
2023-24 - 217454
(दुग्ध उत्पादन लीटर प्रतिदिन है)
गैनीखता से दुग्ध उत्पादन शुरू
हल्द्वानी। हरिद्वार के गैनीखता से पहली बार दुग्ध उत्पादन हो रहा है जिसमेें वर्तमान में 8,545 रुपये दुग्ध उत्पादन हो रहा है।
डेयरी विकास विभाग उत्तराखंड के संयुक्त निदेशक जयदीप अरोरा ने बताया कोरोना के दौरान बढ़े उत्पादन के बाद एक बार फिर से उत्पादन में वृद्धि देखने को मिली है। वर्तमान में आंकड़ा दो लाख से पार है। इसे और बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।