नैनीताल। हाईकोर्ट ने पेयजल निगम के एसई के खिलाफ कार्रवाई के मामले में प्रमुख सचिव भ्रष्टाचार निवारण, जनसेवा के आदेश के साथ ही दर्ज एफआईआर को भी निरस्त कर दिया है।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पेयजल निगम के एसई जोखुराम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही बिना सरकार की अनुमति के की गई है जबकि सरकार की अनुमति आवश्यक थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि 24 मार्च 2014 को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई लेकिन सरकार ने अनुमति देने से मना कर दिया था।
21 अगस्त 2014 को सचिव भ्रष्टाचार निवारण ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति दे दी। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि सचिव भ्रष्टाचार निवारण उनकी नियुक्ति नहीं करता है इसलिए उनके ऊपर किया गया केस भी नियम विरुद्ध है और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एफआईआर व प्रमुख सचिव के आदेश को निरस्त कर दिया।