हल्द्वानी। अब एमआरआई मशीन खराब होने पर मरम्मत कराने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वित्तीय स्वीकृति के लिए भी शासन का इंतजार करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। चिकित्सा-शिक्षा सचिव ने एमआरआई मशीन के लिए पांच वर्षों के लिए सीएमसी (कंप्रेहेंसिव मेंटीनेंस कांट्रेक्ट) की वित्तीय स्वीकृति करा दी है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में आए दिन कोई न कोई मशीन खराब रहती है। मशीन खराब होने के कारण दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों को सबसे अधिक समस्या होती है। मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां जांचें खासी महंगी हैं। एमआरआई मशीन की प्रतिवर्ष सीएमसी करानी पड़ती थी। सीएमसी के लिए शासन से स्वीकृति के लिए फाइल घूमती रहती थी।
इस बार भी जनवरी-फरवरी में सीएमसी के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई थी मगर वित्तीय स्वीकृति न मिलने के कारण मामला लटका हुआ था। मेेडिकल कालेज प्रशासन ने पांच वर्ष की वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
एसटीएच में छापे के दौरान मंडलायुक्त एवं चिकित्सा-शिक्षा सचिव डी सैंथिल पांडियन के समक्ष मामला उठा था। प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि वर्ष 2021 तक पांच वर्षों के लिए चिकित्सा-शिक्षा सचिव ने वित्तीय स्वीकृति दिला दी है।