हल्द्वानी। बेस अस्पताल में बिना मेमो के महिपाल सिंह के शव को परिजनों को देने के मामले में सीएमओ ने सीएमएस से जवाब मांगा तो सीएमएस ने जवाब में कहा है कि ऐसा त्रुटिवश हुआ है। सीएमएस की ओर से भी दो डॉक्टर समेत स्टाफ के तीन अन्य लोगों को जवाब तलब किया गया है।
लॉकडाउन के चलते नौकरी छूटने के बाद दिल्ली से घर लौटे स्याल्दे विकासखंड की ग्राम पंचायत बजवाड़ (बुरांशपानी) निवासी महिपाल सिंह ने अपने तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया था। महिपाल सिंह की बेस अस्प्ताल में मौत हो गई थी। बेस अस्पताल में महिपाल सिंह के दम तोड़ने के बाद मेमो कोतवाली पुलिस को दी भेजा गया। साथ ही मरने की सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई। सूचना न मिलने के कारण पुलिस पंचनामे के लिए नहीं पहुंची थी और परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव को लेकर चले गए थे।
इस मामले को सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरीश लाल का जवाब तलब किया था। डॉ. जोशी ने बताया कि डॉ. लाल ने अपने जवाब में कहा है कि ऐसा त्रुटिवश हुआ है। दूसरी ओर डॉ. लाल ने ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अंशुल केडिया, डॉ. यूबी सिंह समेत स्टाफ के तीन अन्य लोगों से 24 घंटे के भीतर पुलिस को सूचना न देने समेत पूरे मामले पर जवाब मांगा है। डॉ. लाल ने कहा कि पांचों लोगों को जवाब आने के बाद कार्रवाई के लिए डीएम और शासन को लिखा जाएगा।
तीनों बच्चों की हालत स्थिर
हल्द्वानी। महिपाल के तीनों बच्चों की हालत स्थिर है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि तीनों बच्चों हर्षपाल, यशपाल और हिमानी को पीडियाट्रिक्स इंटेसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया है। तीनों का इलाज चल रहा है और हालत स्थिर है। बड़े बच्चे हर्षपाल का ब्लड प्रेशर ठीक है। डाक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। तीनों को अभी खतरे के बाहर नहीं कहा जा सकता है।