रोहित शेखर के बहाने तिवारी समर्थकोें को साधने का मुख्यमंत्री हरीश रावत का दांव भी सही जगह बैठता दिख नहीं रहा है। दायित्व से नवाजे जाने के तुरंत बाद ही रोहित शेखर ने रावत की इस पेशकश चुनाव का अप्रैल फूल करार दिया है। उनका कहना है कि सीएम ने सिर्फ मजाक किया है।
प्रदेश सरकार ने दो दिसंबर को पूर्व सीएम एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण परिषद का उपाध्यक्ष बना दिया। रोहित के साथ ही ललित पंत और संतोष कुमार गोविल को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है।
रोहित का कहना है कि सरकार ने उपाध्यक्ष बनाए जाने की उनको कोई जानकारी नहीं दी। सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है। पहले तो उन्होंने मजाक समझा था। कटाक्ष किया कि सीएम हरीश रावत ने चुनाव के समय उनके साथ अप्रैल फूल मनाया है।
रोहित शेखर वर्तमान समय में लालकुआं विधानसभा के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी ने एसटीएच की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए धरना दिया । सीएम ने तीन माह मेें दुरुस्त करने का भरोसा दिया लेकिन अभी तक कुछ ठीक नहीं किया।
आरोप लगाया कि दमुवाढूंगा के लोगों के पास जाते समय 12 नवंबर को शराब पीकर कुछ लोगों ने एनडी तिवारी के साथ उन पर हमला किया। धरना देने के बावजूद सीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की। चार बार सुरक्षा मांगने पर उन्हें सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी गई।
यूपी में एनडी तिवारी को विशेष अतिथि का दर्जा प्राप्त है। सर्किट हाउस में एक पैसा नहीं लगता है। यहां सर्किट हाउस में तो रोटी और गर्म पानी करने पर पैसा वसूला जाता है। सवाल उठाया कि क्या यही है रावत के सम्मान करने का तरीका।
कुछ लोग एनडी तिवारी के आने पर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से निजी हमले कराए जा रहे हैं। ये हमले किसके इशारे पर हो रहे हैं। जनता सबकुछ जानती है।