मालधनचौड़ में हुई डकैती और बेटियों से दुष्कर्म की आग अब रामनगर में भी सुलगने लगी है। शनिवार दोपहर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शहर में जुलूूस निकलने के बाद कोतवाली में धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए विरोध प्रकट किया।
कोतवाली में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा 23 जुलाई की रात 10-12 बदमाशों ने मालधनचौड़ में एक ग्रामीण के घर डकैती कर दो नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म किया। साथ ही डकैत घर से 35 लीटर मैंथा का तेल और सोने, चांदी के जेवर भी ले गये। पीड़ित परिवार जब मामले की शिकायत करने स्थानीय पुलिस चौकी गया तो एसआई श्वेता नेगी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जिससे आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की शीला शर्मा ने कहा घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारी बलात्कार को लेकर भ्रामक बयान देकर मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बेहद ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व मंत्री पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा।
वक्ताओं ने गैंग रेप, डकैती के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही गलत बयानबाजी की उच्च स्तरीय जांच किये जाने, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिये जाने, पीड़ित बहनों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान उपपा के प्रभात ध्यानी, महिला समाख्या की सरस्वती देवी, लक्ष्मी बिष्ट, रेवती लटवाल, क्रांलोस के मुनीष कुमार, इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज, उद्योग व्यापार के मनमोहन अग्रवाल, मो. ताहिर, पूनम, शशिकला, सरुली, दुर्गा, मीरा मौजूद रहीं।
पुलिस कप्तान पहुंची रामनगर
रामनगर। शनिवार शाम एसएसपी स्वीटी अग्रवाल पुन: रामनगर पहुंची। उन्होंने मालधनचौड़ प्रकरण की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। वहीं सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने पीड़ित के परिजनों से मुलाकात कर कई बिंदुओं पर पूछताछ की। उन्होंने बताया तीन-चार दिन में मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।