रेलवे और प्रशासन कब्जा खाली कराने को लेकर रणनीति बना रहा है। ऐसे में गफूर बस्ती समेत कब्जे की जमीन पर काबिज सैकड़ों लोगों ने पुनर्वास की मांग की है। शनिवार को बरसात की परवाह किये बगैर वे सड़क पर उतरे और वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के घर तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उन्होंने वित्त मंत्री के घर को घेरा। वित्त मंत्री के मौजूद न होने पर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने ज्ञापन लेने के साथ उचित कार्रवाई का भरोसा प्रदर्शनकारियों को दिया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व लईक अहमद ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गफूर आदि बस्ती में 1200 गरीब परिवार बसे हैं। जो बेहद मुश्किल के बीच परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में बस्ती के लोगों के मानवाधिकार की दृष्टि से पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। इसके लिए सरकार ने योजनाएं भी बनाई हैं। जब तक इन परिवारों का पुनर्वास नहीं हो जाता है, तब तक यथा स्थिति बरकरार रखी जाए।
पुनर्वास के लिए परिवार के मुखिया से शपथ पत्र भी प्राप्त किया जाए। जुलूस को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए थे। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को तिकोनिया के पास रोक भी लिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक तरीक से और हर -हाल में अपनी बात कहने को अड़े रहे। इसके बाद पुलिस बल ने उन्हें जाने दिया।