हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव मे परंपरागत वेशभूषा में शौका महिलाएं। अमर
हल्द्वानी। विशिष्ट और गौरवशाली परंपरा के प्रतीक पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में शनिवार से जोहार महोत्सव शुरू हुआ। जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित महोत्सव की शुरुआत लोक वाद्य यंत्रों की थाप के साथ दोनहरिया स्थित समाज के मिलन केंद्र से कार्यक्रम स्थल एमबी इंटर कॉलेज तक शोभायात्रा से हुई। सायंकालीन सत्र में लोक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत पेश कर श्रोताओं और दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया।
एमबी इंटर कालेज में उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने कहा कि जोहार का स्वर्णिम इतिहास रहा है। विशिष्ट अतिथि पूर्व आईजी गणेश सिंह मर्तोलिया ने कहा कि आज शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए जोहारी समाज का पलायन हुआ है तो क्षेत्र के युवाओं ने देश विदेश में अग्रणी स्थान पर रहकर नाम भी कमाया है।
सोसायटी के संरक्षक गजेंद्र सिंह पांगती ने जोहार की संस्कृति, इतिहास और परंपरा से लोगों को परिचित कराया। संचालन सांस्कृतिक सचिव नवीन टोलिया ने किया। इस मौके पर सोसायटी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह धर्मशक्तू, महासचिव भूपेंद्र सिंह पांगती, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, केदार बृजवाल, कैलाश धर्मशक्तू आदि मौजूद थे।
सायंकालीन सत्र में लोक गायक फौजी ललित मोहन जोशी ने ‘हिट कमू न्है जानूं मिलम जोहार, टक टका टक कमला बाटुली लगाए, नैनीतालैकि मधुली हिट म्यार दगाड़’ गीत सुनाकर माहौल को रंगीन बना दिया। लोक गायिका मीना राणा ने ‘हम छूं उत्तराखंडी’, ‘अदली बदली ये लौंडा चंदरा’, ‘चंदन म्यार पहाड़ आए’, लोक गायक चंद्रप्रकाश ने ‘मैं जां छूं कमला काली गंगा पार, रंगीलो जोहार मां, मेरो मुनस्यार मां’, राजेंद्र खनवाल ने ‘गोपुली त्वे खना बिलौजी ल्यायूं’, दुबई से आए बसंत तिवारी ने ‘उतरैंणी कौतिक लागि रौ सरयू का बगड़ में’ गीत सुनाकर दर्शकों को गदगद कर दिया।