रामनगर के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर टीले के सुरक्षा कार्यों को शासन की मंजूरी मिल गई है। सिंचाई विभाग व आईआईटी रुड़की की टीम ने 11.93 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी थी। शासन से बजट मिलते ही बरसात के बाद मंदिर के टीले का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
ऐतिहासिक गर्जिया देवी मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं। यहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मगर विगत कई वर्षो से बारिश व बाढ़ के चलते क्षतिग्रस्त मंदिर से पहले टीला टूट रहा था। टीले की सुरक्षा को देखते हुए सिंचाई विभाग ने इसके चारों ओर लोहे और कंक्रीट का जाल बनाया था। इसके बाद से टीला मजबूती के साथ खड़ा है।
पिछले माह सिंचाई विभाग ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों के साथ मिलकर टीले को बाढ़ से बचाने के लिए 11.93 करोड़ की डीपीआर तैयार की थी। इसमें 70 मीटर के टीले के चारों ओर सीढ़ीनुमा सीसी ब्लॉक बनाने की योजना है। ब्लॉकों को मजबूती देने के लिए पांच मीटर की सीसी वॉल को जमीन के अंदर डाला जाना है। इस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी करते हुए विभाग को स्वीकृति दे दी है। अब जल्द ही निर्माण कार्य को लेकर बजट आने की भी उम्मीद है।
कानिया में जल्द बनेगा 10 एमवीए का नया बिजलीघर
गचोरपानी, कानिया, ढेला से सटे अन्य गांव में बेहतर बिजली की सप्लाई के लिए कानिया में 10 एमवीए का बिजलीघर बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई।
टेंडर प्रक्रिया के बाद यहां बनाए बिजलीघर का निर्माण कराया जाएगा, जिससे 20 हजार परिवारों को फायदा मिलेगा। इसमें पांच-पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इससे यहां के 20 हजार परिवारों को लो वोल्टेज, तारों के गर्म होकर टूटने जैसी अन्य परेशानियों से राहत मिलेगी। इधर चोरीपानी, कानिया, ढेला, हिम्मतपुर समेत अन्य गांव के 20 हजार परिवारों को अब तक ऊर्जा निगम चिल्किया बिजलीघर से बिजली सप्लाई की जाती है। निगम ने विगत माह इसकी क्षमता आठ एमवीए से साढ़े 12 एमवीए तक बढ़ा दी है। कानिया में नया बिजली घर बनने के बाद इसका लोड भी कम सकेगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरा होते ही बिजलीघर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इससे चिल्किया बिजलीघर का लोड कम होने के साथ ही कानिया के आस-पास के गांव के लोगों को बेहतर बिजली की सप्लाई मिल सकेगी। - गोविंद सिंह कार्की, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम रामनगर।