श्री रामलीला कमेटी में गबन के खुलासे की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन शुक्रवार को स्थगित हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कमेटी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। जिसमें कमेटी की आय एवं व्यय का ब्यौरा मांगा गया।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में तीन बिंदुओं पर कमेटी अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष के बीच सहमति होने पर आंदोलन स्थगित हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रकाश पांडे को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया।
श्री रामलीला कमेटी हल्द्वानी की सबसे पुरानी धार्मिक संस्था है। मौजूदा कमेटी के आय व्यय को लेकर पदाधिकारियों में पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। महामंत्री अमित कबडवाल ने कमेटी के लाखों रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया।
इससे कमेटी पदाधिकारियों के अलावा प्रशासन में हड़कंप मच गया। महामंत्री अमित कबडवाल के आत्मदाह की चेतावनी के बाद नगर मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने कमेटी के कोषाध्यक्ष से आय एवं व्यय का ब्यौरा तलब किया।
शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह और सीओ आरएस ह्यांकी की मध्यस्थता में कमेटी अध्यक्ष लीला कांडपाल, महामंत्री अमित कबडवाल और कोषाध्यक्ष मनोज चौहान की वार्ता हुई।
जिसमें तीनों पदाधिकारियों का पक्ष सुना गया। तीन बिंदुओं पर सहमति होने पर आंदोलन स्थगित किया गया। अध्यक्ष ने कहा कि दीपावली पर रामलीला मैदान सात लाख 81 हजार रुपए में ठेके पर दिया था।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों से जो धनराशि मिली, इसका बकाया एक लाख 37 हजार रुपए कोषाध्यक्ष की तरफ से कमेटी खाते में जमा कराया जाएगा।
बीस रसीद बुकों का पूरा हिसाब किताब एक सप्ताह के भीतर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में सौंपना होगा।
पार्किंग से होने वाली आय में पारदर्शिता के लिए कमेटी गठित की गई। कमेटी पार्किंग की आय का ब्यौरा देगी।