हल्द्वानी। मुखानी क्षेत्र के सरस्वती विहार जयदेवपुर में सोमवार की दोपहर पुलिस की मौजूदगी में ही ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत फैल गई। छर्रे लगने से चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के घर की तलाशी ली तो दो तमंचे और दोनाली बंदूक बरामद हुई। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का कारण जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
सरस्वती विहार जयदेवपुर में 4500 वर्गमीटर जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा है। इस जमीन पर रामपुर जिले के माटखेड़ा बिलासपुर निवासी हरपाल सिंह और शमशेर सिंह अपना-अपना दावा कर रहे हैं। हरपाल सिंह पक्ष का कहना है कि जमीन पर झोपड़ी बनाकर कब्जा करने की सूचना मिलने पर वह पहुंचे तो दूसरे पक्ष से उनकी कहासुनी हो गई। कब्जे की सूचना पर आरटीओ चौकी पुलिस भी पहुंची थी। इस बीच एक पक्ष ने असलहों से फायरिंग करनी शुरू कर दी।
हरपाल के भतीजे कर्मवीर सिंह का कहना कि पुलिस के सामने हमलावरों ने फायरिंग की। छर्रे लगने से दर्शन सिंह (65), हरपाल सिंह पाली (35), कुलविंदर सिंह लवली (42) और साहिल (32) घायल हो गए। एसपी सिटी हरबंश सिंह, सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी, थानाध्यक्ष दीपक सिंह बिष्ट भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शमशेर सिंह के घर की तलाशी ली तो वहां दो नाली बंदूक, 315 और 12 बोर के दो तमंचे बरामद किए। हरपाल सिंह के परिवार का आरोप है कि जमीन पर शमशेर सिंह ने झोपड़ी बनाकर अवैध ढंग से कब्जा किया है।
इधर, शमशेर के बेटे इंद्रपाल सिंह उर्फ कप्तान का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने गोली चलाकर खुद को घायल किया है। जमीन पर एसडीएम ने स्थगनादेश दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट का कहना है कि घायल पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने शमशेर सिंह सहित तीन लोगों के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी शमशेर सिंह और उसके बेटे अमिताभ सिंह और गुरुसेवक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि गोली चलने के बाद चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे थे।
एसपी सिटी हरबंश सिंह का कहना है कि जमीन के विवाद के चलते पुलिस ने दोनों पक्षों को पहले ही 107/16 के तहत पाबंद किया था। दोनों पक्ष एक ही परिवार से जुड़े हैं। पुलिस ने विवाद को देखते हुए धारा 145 के तहत कुर्की के लिए जून 2021 में रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन के पास भेज दी थी। सोमवार के घटनाक्रम में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
लाइसेंसी बंदूक नहीं की थी जमा
हल्द्वानी। विधान सभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसी स्थिति में अवैध असलहों का मिलना खतरनाक है। एसपी सिटी ने बताया कि जब इंद्र पाल सिंह उर्फ कप्तान से पूछा कि लाइसेंसी असलहा क्यों नहीं जमा किया तो उसका जवाब था कि लाइसेंस पंजाब का है। इस कारण असलहा जमा नहीं किया।