खेल विश्वविद्यालय में कराटे डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए शिक्षक की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। यूजीसी के मानकों के विपरीत एक राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी देने की योजना बनाई जा रही है, जबकि उसके पास खेल संबंधी डिग्री नहीं है।
हल्द्वानी शहर के गौलापार स्थित खेल विश्वविद्यालय में कराटे डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए शिक्षक की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के विपरीत राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी देने की योजना है जबकि उसके पास खेल संबंधी डिग्री व डिप्लोमा नहीं है।
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यूजीसी के नियमों के अनुसार, डिप्लोमा स्तर के प्रशिक्षकों के पास खेल अनुभव के साथ ही खेल कोचिंग में मान्यता प्राप्त डिप्लोमा या समकक्ष डिग्री होनी चाहिए लेकिन खेल विभाग ने कराटे कोच के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग किए हुए खिलाड़ी का चयन किया है। इसकी रिपोर्ट जिला चयन समिति को भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद चयनित खेल प्रशिक्षकों को विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाएगा। यहां असिस्टेंट कोच, कोच या हैड कोच रखे जाने की योजना है।