रामनगर के गर्जिया मंदिर के पुजारी पूर्णचंद पाण्डे।
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। मां गर्जिया देवी मंदिर के पुजारी का रविवार रात इलाज के दौरान दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन से रामनगर में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को मंदिर के कपाट बंद कराकर श्रृद्धालुओं की आवाजाही को रोक दिया गया। फिलहाल मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।
गर्जिया माता मंदिर के मुख्य पुजारी पुजारी पूर्ण चंद पांडे (78) की रविवार दोपहर तबीयत खराब हो गई। इस पर परिजनों उन्हें दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान की उनकी मौत हो गई। अस्पताल में उनका कोरोना टेस्ट कराया गया, समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट नहीं आई थी। पुजारी अपने पीछे चार बेटों और पांच बेटियों का परिवार छोड़ गए। उनके चार बेटे कुलदीप चंद पांडे, दिनेश चंद पांडे, मोहन चंद पांडे और जितेंद्र चंद पांडे हैं। पुजारी पूर्ण चंद मंदिर परिसर में बने आवास में ही रहते थे।
श्रृद्धालुओं के लिए बंद रहेगा मंदिर
कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि पुजारी की कोरोना रिपोर्ट नहीं आई है। एहतियात के तौर मंदिर को श्रृद्धालुओं के बंद कर दिया है। ऐसे में मंदिर परिसर से मंदिर से जुड़े लोगों और दुकानदारों के कोविड टेस्ट किए जाएंगे। उसके बाद ही स्थिति साफ होगी। तब तक गिरजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा।
रानीखेत से लाए थे लक्ष्मी नारायण की मूर्ति
पीएनजी पीजी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.गिरीश चंद्र पंत के अनुसार, पंडित पूर्ण चंद पाण्डे आजीवन, गर्जिया मंदिर के रखरखाव के लिए चिंतित और समर्पित रहे। उनकी प्रयासों का ही नतीजा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर के बचाव के लिए उसके चारों ओर सुरक्षा दीवार बनवाई और बाद में मजबूत पुल भी बनाया गया। उनके अनुसार, युवा अवस्था में पूर्णचंद पांडे को स्वप्न हुआ कि उनके मूल गांव रानीखेत के पास बित्थल ग्राम में लक्ष्मी नारायण की मूर्ति दबी है। स्वप्न की बात सत्य हुई और वह उस मूर्ति को गर्जिया ले आए। आज यह मूर्ति लक्ष्मीनारायण मंदिर में स्थापित है।